मुंबई। मुंबई के गिरगांव चौपाटी पर आयोजित प्रतिष्ठित आदर्श रामलीला महोत्सव 2026 का समापन 20 अक्टूबर को भव्य और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। दस दिनों तक चले इस महोत्सव में भक्ति, रंगमंच, संगीत और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री आदर्श रामलीला महोत्सव समिति द्वारा आयोजित और डिविनिटी प्रोडक्शंस द्वारा प्रस्तुत इस महोत्सव ने अपनी भव्यता, शानदार प्रस्तुतियों और विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीत लिया। वर्ष 1964 से चली आ रही इस परंपरा का 2026 संस्करण एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ, जिसमें हर उम्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
महोत्सव की सफलता पर समिति ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि दस दिनों तक लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी, कलाकारों की प्रस्तुतियों को मिली सराहना और दर्शकों का भरपूर प्यार इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। महोत्सव में परिवारों, श्रद्धालुओं, बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने एक साथ शामिल होकर रामायण के आदर्शों और भगवान श्रीराम के जीवन मूल्यों का अनुभव किया। समिति के अनुसार, इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि रामलीला केवल धार्मिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि विभिन्न पीढ़ियों को जोड़ने वाली हमारी सांस्कृतिक विरासत है।
विजयादशमी के अवसर पर आयोजित महोत्सव के अंतिम दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और प्रभावशाली रंगमंचीय प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम की शुरुआत पवित्र सरयू आरती से हुई, जिसके बाद राम सेवा सम्मान प्रदान किया गया। इसके पश्चात रामलीला में अहिरावण वध और पंचमुखी हनुमान के प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से साहस, आस्था और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
शाम का सबसे आकर्षक क्षण भव्य रावण पुतला दहन रहा, जिसने अधर्म पर धर्म की विजय के शाश्वत संदेश को जीवंत कर दिया। इसके बाद वृंदावन इकोज बैंड ने मधुर राम भजनों की प्रस्तुति दी। अंत में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक के साथ महोत्सव का आध्यात्मिक और भावपूर्ण समापन हुआ।
इस वर्ष आदर्श रामलीला महोत्सव को बड़े रंगमंचीय स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक रामकथा की धार्मिक गरिमा और मूल भावना को बनाए रखते हुए आधुनिक मंच तकनीक, भव्य दृश्य संयोजन और प्रभावशाली संगीत का समावेश किया गया। आयोजन में 50 से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को प्रभावित किया। मंच पर *72 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन, लगभग 1,200 वर्गफुट का दृश्यात्मक बैकड्रॉप*, आकर्षक सेट, पारंपरिक वेशभूषा और आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था ने रामलीला के अनुभव को और भव्य बनाया। दर्शकों की सुविधा के लिए 1,500 लोगों की क्षमता वाला ढका हुआ जर्मन हैंगर ऑडिटोरियम भी तैयार किया गया था।
रामलीला के मंचन के अलावा दस दिवसीय महोत्सव में विशेष अनुभव क्षेत्र भी आकर्षण का केंद्र रहा। यहां दर्शकों को होलोग्राफिक राम दर्शन, वीआर धाम दर्शन, रामायण ज्ञान दीर्घा, रामायण के पात्रों से संवाद, सेल्फी पॉइंट और आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर जैसी गतिविधियों का अनुभव करने का अवसर मिला। इन पहलों ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को रामायण की शिक्षाओं से जोड़ने का प्रयास किया।
इस भव्य आयोजन की रचनात्मक और आयोजन संबंधी जिम्मेदारियों में निर्देशक एवं लेखक योगेश वी. पगारे, संगीत निर्देशक मोंटी शर्मा, सचिव एवं ट्रस्टी कनबिहारी अग्रवाल, अध्यक्ष एवं ट्रस्टी राजेंद्र अग्रवाल तथा ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष वैभव गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जहां डिविनिटी प्रोडक्शंस ने रंगमंचीय रामलीला प्रस्तुत की, वहीं श्री आदर्श रामलीला महोत्सव समिति ने धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक गतिविधियों, दर्शकों की सुविधाओं और संपूर्ण आयोजन व्यवस्था का संचालन किया।
महोत्सव की सफलता पर संयुक्त वक्तव्य जारी करते हुए समिति के सचिव एवं ट्रस्टी कनबिहारी अग्रवाल, अध्यक्ष एवं ट्रस्टी राजेंद्र अग्रवाल तथा ट्रस्टी एवं कोषाध्यक्ष वैभव गुप्ता ने कहा, “आदर्श रामलीला महोत्सव 2026 का सफलतापूर्वक संपन्न होना हम सभी के लिए गर्व और भावनाओं से जुड़ा विशेष क्षण है। इन दस दिनों में लोगों ने जिस उत्साह, प्रेम और श्रद्धा के साथ भाग लिया, उसने इस वर्ष के आयोजन को यादगार बना दिया। परिवारों, बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को एक साथ रामलीला देखते हुए और सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का आनंद लेते हुए देखना हमारे लिए बेहद सुखद अनुभव रहा। हमारा उद्देश्य इस प्राचीन परंपरा की धार्मिक गरिमा को बनाए रखते हुए इसे भव्य रंगमंचीय स्वरूप में प्रस्तुत करना था, ताकि आज की पीढ़ी भी इससे जुड़ सके। हमें दर्शकों से जो प्यार और प्रोत्साहन मिला है, वह हमें आगे भी इसी समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। हम सभी कलाकारों, संगीतकारों, निर्माण टीम, स्वयंसेवकों, सहयोगियों और दर्शकों का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं, जिनके योगदान से यह ऐतिहासिक आयोजन सफल हुआ। वर्ष 1964 से आदर्श रामलीला मुंबई की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा रही है और हम इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
निर्देशक एवं लेखक योगेश वी. पगारे की रचनात्मक सोच और संगीत निर्देशक मोंटी शर्मा के संगीत ने रामायण के भावनात्मक प्रसंगों और नाटकीय प्रभाव को मंच पर सजीव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पारंपरिक रामलीला की मूल भावना को बरकरार रखते हुए आधुनिक रंगमंचीय तकनीकों के इस्तेमाल ने इस प्रस्तुति को विभिन्न आयु वर्ग के दर्शकों के लिए आकर्षक बनाया।
श्री आदर्श रामलीला महोत्सव समिति के लिए इस वर्ष का सफल आयोजन केवल दस दिवसीय उत्सव का समापन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस महोत्सव ने लोगों को एक मंच पर लाकर रामायण के आदर्शों, भगवान श्रीराम के जीवन मूल्यों और भारतीय परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान किया।
दस दिनों तक चली भक्ति, भव्य रंगमंचीय प्रस्तुतियों, संगीत, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी से सजी आदर्श रामलीला महोत्सव 2026 ने गिरगांव चौपाटी की ऐतिहासिक रामलीला की विरासत में एक और यादगार अध्याय जोड़ दिया। यह आयोजन मुंबई के सांस्कृतिक और धार्मिक कैलेंडर में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करते हुए आने वाले वर्षों के लिए नई उम्मीदें और प्रेरणा छोड़ गया।
गिरगांव चौपाटी पर भव्य समापन के साथ संपन्न हुआ आदर्श रामलीला महोत्सव 2026, दस दिनों तक भक्ति, रंगमंच और भारतीय संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम
Highlights
- 1964 से चली आ रही परंपरा के इस ऐतिहासिक आयोजन में उमड़ा जनसैलाब, भव्य रावण दहन और श्रीराम राज्याभिषेक के साथ हुआ विजयादशमी उत्सव का समापन

