कांदिवली । तेरापंथ भवन कांदिवली मे अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद कांदिवली – मलाड द्वारा प्रथम आंचलिक बारहव्रत कार्यशाला का आयोजन आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या *”शासनश्री” साध्वी श्री विद्यावतीजी ‘द्वितीय’ ठाणा 5 के सान्निध्य में हुआ ।कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे अभातेयुप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चतुर्थ श्री कमलेश भंसाली* ने कार्यक्रम के विधिवत उद्घाटन की घोषणा की एवं श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया एवं बारहव्रत कार्यशाला की जानकारी प्रेषित की बारहव्रत कार्यशाला में “शासनश्री” साध्वी श्री विद्यावतीजी ‘द्वितीय’ ने अपने मंगल उद्बोधन में फरमाया कि “जैसे छत हमारे मकान की आंधी-तूफान धूप आदि में रक्षा करता है ठीक वैसे ही मनुष्य के जीवन में व्रत /त्याग छत का कार्य करता है ।
श्रावक की सरल व्याख्या बताते हुए आपने कहा कि श्रा – श्रद्धा, व – विवेक, क – क्रियान्विति । श्रावक बनना है तो हमें सीमांकन करना, संयममय जीवन जीना आवश्यक होगा”। साध्वी श्री प्रियंवदाजी ने फ़रमाया “जैसे डॉक्टर्स के बिना अस्पताल अधूरा है, ठीक वैसे ही त्याग के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। साध्वी श्रीजी ने प्रेरणा देते हुए कहा कि बारह व्रत को समझ कर कम से कम 7 संकल्प/व्रत स्वीकार करें”। मुख्यवक्ता, प्रवक्ता उपासिका श्रीमती सीमा कोठारी* ने उपस्थित श्रावक समाज के 12 ग्रुप्स बना कर, बारहव्रत को बड़े ही सहज एवं सरल तरीके से उपस्थित श्रावक समाज को अवगत करवाया, एक एक व्रत के बारे में सूक्ष्म जानकारियां देकर उपस्थित श्रोताओं का जिज्ञासा समाधान किया एवं उन्हें व्रत स्वीकार करने की प्रेरणा भी दी।
इससे पूर्व कार्यशाला का शुभारंभ साध्वीवृंद द्वारा नमस्कार महामंत्रोच्चार से हुआ । स्वागत वक्ताओं की श्रेणी में *तेरापंथी सभा – मुंबई के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र कोठारी, श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री मेघराज धाकड़, अभातेममं की महामंत्री श्रीमती रचना हिरण, अभातेयुप के सहमंत्री श्री अंकुर लुनिया आदि ने अपनी बात रखी।इस अवसर पर तेरापंथ समाज मुंबई के विशिष्ट गणमान्य श्री अशोक मुथा- महासभा कार्यकारी सदस्य, श्री जगदीश परमार-मंत्री-श्री तुलसी महाप्रज्ञ फाउण्डेशन, श्री मीठालाल धाकड़- सभाध्यक्ष कांदिवली, श्री रतन लोढा- मालाड सभाध्यक्ष, अभातेयुप बारहव्रत के राष्ट्रीय सहप्रभारी नीरज आच्छा, श्री मनीष रांका, श्री समकित पारीख सहित स्थानीय परिषद कांदिवली के अध्यक्ष श्री आशीष श्रीश्रीमाल, मलाड अध्यक्ष श्री सुनील धींग सहित जोगेश्वरी से भायंदर तक की परिषद् के सदस्यों व पदाधिकारियों की उपस्थित रही। इस कार्यशाला के प्रायोजक श्री नरेंद्र जी कन्हेया लाल जी भंडारी – बिनोल -दादर-कांदिवली तथा श्री मयंक जी राजेंद्र जी गोलछा – सिरसा-मालाड मुंबई का सम्मान तेयुप कांदिवली/मालाड द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बारहव्रत कार्यशाला संयोजक व CPS नेशनल ट्रेनर विनीत सिंघवी का तथा सभी पदाधिकारियों का आभार ज्ञापन *तेयुप मंत्री विमल धाकड़* ने किया।
प्रथम आंचलिक बारहव्रत कार्यशाला का सफल आयोजन
Highlights
- श्रावक बनना है तो जीवन में सीमांकन करना आवश्यक : साध्वी श्री विद्यावतीजी ‘द्वितीय’

