पल्स कैंडी ने महाराष्ट्र में लगातार पांचवें साल गणेश महोत्सव मनाया। इस साल भी ब्रांड ने “देश की पल्स से बना गणपति त्योहार” की सोच के साथ अपने उत्सवी जुड़ाव को और मजबूत किया। 14 से 23 सितंबर 2026 तक मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, औरंगाबाद और जलगांव में आयोजित इस कैंपेन में परंपरा, तकनीक और लोगों की भागीदारी को एक साथ लाया गया, जिससे लोगों को एक अलग तरह का उत्सवी अनुभव मिला।
इस कैंपेन का मुख्य आकर्षण “पल्स से अर्पण, बप्पा को समर्पण” रहा। तकनीक की मदद से पारंपरिक अर्पण को एक नया और आधुनिक रूप दिया गया। भक्तों ने अपना व्यक्तिगत डिजिटल अर्पण तैयार किया, जिसे एक इंटरैक्टिव विजुअल अनुभव के जरिए मूषक बप्पा तक लेकर गया।
यह अनुभव सिर्फ एक्टिवेशन तक सीमित नहीं रहा। पल्स पैक्स, पौधे में लगाए जा सकने वाले सीड-पेपर कार्ड्स, व्यक्तिगत व्हाट्सऐप शुभकामनाओं और डिजिटल अर्पण अनुभव के जरिए लोगों को जमीन पर और ऑनलाइन, दोनों तरह से कैंपेन से जुड़ने का मौका मिला।
इस कैंपेन के साथ पल्स ने लालबागचा राजा के साथ लगातार पांचवें साल अपनी साझेदारी भी जारी रखी। इससे महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध सांस्कृतिक उत्सवों में से एक के साथ ब्रांड का जुड़ाव और मजबूत हुआ।
इस पहल के जरिए पल्स के बड़े “पल्स ऑफ इंडिया” प्लेटफॉर्म को भी सामने लाया गया, जो भारत की उन परंपराओं, भावनाओं और सांस्कृतिक पलों का जश्न मनाता है, जो देश के लोगों को एक साथ जोड़ते हैं।
पारंपरिक फेस्टिव स्पॉन्सरशिप से आगे बढ़ते हुए, पल्स ने ऐसा अनुभव तैयार किया जिसमें लोग खुद सक्रिय रूप से शामिल हो सके। इस पहल के जरिए पल्स ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और उत्सवों के बीच अपनी भूमिका को और गहरा और मजबूत किया।
गणेश महोत्सव 2026 में पल्स ने परंपरा और तकनीक को साथ लाया, ‘पल्स से अर्पण, बप्पा को समर्पण’

