पुणे, अगस्त 2026:- भारत में एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ईएसएस) और रिन्यूएबल एनर्जी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस (आरईएमएस) के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनी, जीनस इनोवेशन लिमिटेड ने पुणे के ऑटो क्लस्टर डेवलपमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित महाराष्ट्र ऊर्जा एक्सपो 2026 में अपना हाई-फ्लो हाइब्रिड सोलर इन्वर्टर पेश किया। इस दौरान, कंपनी ने सोलर, बैटरी स्टोरेज और ग्रिड पॉवर को एक साथ मैनेज करने वाले अपने इंटीग्रेटेड सॉल्यूशन को प्रदर्शित किया।
यह प्रोडक्ट ऐसे समय में पेश किया गया है, जब पॉलिसी सपोर्ट और भरोसेमंद बिजली की बढ़ती जरूरत के चलते भारत में घरों और कमर्शियल जगहों पर सोलर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। घरों और कमर्शियल दोनों तरह के इस्तेमाल के लिए तैयार हाई-फ्लो हाइब्रिड सोलर इन्वर्टर सोलर, बैटरी और ग्रिड पॉवर को आसानी से एक साथ जोड़ने में मदद करता है। इससे यूजर्स सोलर एनर्जी का ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं और बिजली की सप्लाई भी भरोसेमंद बनी रहती है।
इस मौके पर जीनस इनोवेशन लिमिटेड के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग एंड सेल्स ऑफिसर, यश टोडी ने कहा, “भारत का एनर्जी ट्रांजिशन अब एक नए दौर में पहुँच रहा है, जहाँ बिजली की भरोसेमंद सप्लाई, एनर्जी स्टोरेज और स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट की अहमियत लगातार बढ़ रही है। रूफटॉप सोलर का इस्तेमाल बढ़ने के साथ ग्राहकों को ऐसे सॉल्यूशंस की जरूरत भी बढ़ रही है, जो सोलर, बैटरी स्टोरेज और ग्रिड पॉवर को एक साथ जोड़ सकें और बिजली के इस्तेमाल पर बेहतर कंट्रोल के साथ भरोसेमंद सप्लाई दे सकें। महाराष्ट्र और खास तौर पर पुणे में रूफटॉप सोलर का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। इसे पॉलिसी से मिल रहे सपोर्ट और ग्राहकों के बीच बढ़ती जागरूकता से भी मदद मिल रही है। हाई-फ्लो हाइब्रिड सोलर इन्वर्टर के जरिए हमारा उद्देश्य इस बदलती जरूरत को पूरा करना है। यह एक ऐसा टेक्नोलॉजी आधारित सॉल्यूशन है, जो सोलर एनर्जी, स्टोरेज और स्मार्ट पॉवर मैनेजमेंट को एक साथ लाता है।”
हाई-फ्लो हाइब्रिड सोलर इन्वर्टर को इस तरह तैयार किया गया है कि यह स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट के जरिए बिना रुकावट बिजली देने में मदद करे। यह यूजर्स को सोलर एनर्जी का ज्यादा बेहतर इस्तेमाल करने और ग्रिड पर निर्भरता कम करने में मदद करता है। यह सिस्टम हाई-एफिशिएंसी परफॉर्मेंस, तेज स्विचओवर (यूपीएस लेवल स्विचिंग <10 एमएस) और एडवांस्ड लोड प्रायोरिटाइजेशन को सपोर्ट करता है। इसमें रिमोट मॉनिटरिंग के लिए बिल्ट-इन वाई-फाई और जरूरत के मुताबिक सिस्टम को बढ़ाने के लिए पैरेलल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएँ भी हैं। 99.9% से ज्यादा की एडवांस्ड एमपीपीटी एफिशिएंसी के साथ यह सोलर एनर्जी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने में मदद करता है और लगातार बेहतर परफॉर्मेंस देता है। इसे घरों और कमर्शियल, दोनों तरह के इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है।
इसके अलावा, जीनस ने अपने एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ईएसएस) पोर्टफोलियो को भी प्रदर्शित किया, जिसमें लिथियम आधारित इन्वर्टर सॉल्यूशन मैक्सीलायन और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) शामिल हैं। इनका उद्देश्य स्टोरेज की एफिशिएंसी, सेफ्टी और बैटरी की लाइफ को बेहतर बनाना है।
महाराष्ट्र ऊर्जा एक्सपो 2026 में जीनस इनोवेशन की भागीदारी भारत में तेजी से बदल रहे एनर्जी सेक्टर के लिए बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जा सकने वाले और टेक्नोलॉजी आधारित सॉल्यूशंस तैयार करने के कंपनी के प्रयासों को दर्शाती है। कंपनी का फोकस एनर्जी स्टोरेज, स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट और डिस्ट्रीब्यूटेड पावर सिस्टम जैसे क्षेत्रों पर है।
जीनस इनोवेशन एनर्जी स्टोरेज और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। कंपनी के पास फिलहाल 7,50,000 से ज्यादा यूनिट्स की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता है, जिसे 1,50,000+ वर्गफुट की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज का सपोर्ट मिलता है। 10,000 से ज्यादा पार्टनर्स के रिटेल नेटवर्क के साथ जीनस इनोवेशन अब तक 50 लाख से ज्यादा ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे चुका है और 28 से ज्यादा देशों में अपने प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट कर अपनी इंटरनेशनल मौजूदगी भी बढ़ा चुका है।
