नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि छात्र निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें “माफ” करने की बात कर रहे हैं।
श्री गांधी ने मंगलवार को एमडीएमके नेता वायको की पुस्तक “वायको इन पार्लियामेंट” के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यहां कहा कि देश एक अलग तरह के दौर से गुजर रहा है। पेपर लीक की घटनाओं से परेशान छात्र निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और बेहतर शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार का रवैया इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि बच्चों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है और जब देश के युवा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो प्रधानमंत्री उन्हें “माफ” करने की बात करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री को यह अधिकार किसने दिया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हम सब जानते हैं कि भारत विविधताओं और बहुलता का देश है तथा यहां हर राज्य, हर संस्कृति, हर इतिहास और हर भाषा का समान सम्मान है। लेकिन प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच के पीछे एक खतरनाक विचार है, जो भारत की विविधता और बहुलता को स्वीकार नहीं करता और देश को एक ही पहचान तक सीमित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि देश के हर राज्य को अपनी संस्कृति, अपने इतिहास और अपनी भाषा पर गर्व है, लेकिन आज कुछ ऐसे लोग हैं जो न तमिल भाषा और समाज को समझते हैं, न मराठी, न बंगाली और न ही केरल और अन्य प्रदेश के लोगों और उनकी भाषा को समझते हैं। वे इन राज्यों के इतिहास, संस्कृति और भाषाओं को महत्व नहीं देते तथा मानते हैं कि केवल वही भाषा और वही इतिहास महत्वपूर्ण है, जिसे आरएसएस मान्यता देता है। उन्होंने कहा कि यह सोच देश की बहुलतावादी परंपरा के विपरीत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि असली लड़ाई इसी सोच के खिलाफ है और यही कारण है कि छात्र आज सड़कों पर हैं। भारत अपनी किसी भी संस्कृति, भाषा या इतिहास को किसी के द्वारा कुचले जाने को कभी स्वीकार नहीं करेगा।
छात्र पेपर लीक रोकने की मांग कर रहे हैं और मोदी उन्हें ‘माफ’ करने की बात करते हैं : राहुल

