कभी-कभी हिस्ट्री खुद पॉज़ लेकर हमें याद दिलाती है कि जब देश मुश्किल के किनारे होता है, तो न कोई सुपरहीरो आता है और न ही कोई लार्जर-दैन-लाइफ हीरो एंट्री लेता है… असली ज़िम्मेदारी उठाता है आम इंसान। इन्हीं रियल-लाइफ हीरोज़ को सेलिब्रेट करते हुए, कंगना रनौत स्टारर भारत भाग्य विधाता ने अपना पावरफुल मोशन पोस्टर ड्रॉप किया है – एक ज़बरदस्त ट्रिब्यूट उन लोगों के नाम, जो वक़्त आने पर एक्स्ट्राऑर्डिनरी बन जाते हैं।
इस मोशन पोस्टर का नाम है द अनसीन हीरोज़ -एक इमोशनल सैल्यूट उन लोगों के लिए जो हमेशा हमारे आस-पास होते हैं, पर अक्सर नोटिस ही नहीं होते। यह हीरोइज़्म की डेफिनिशन को बदल देता है – यहाँ न बड़े-बड़े डायलॉग हैं, न ड्रामैटिक जीत, बस ड्यूटी, हिम्मत और चुप-चाप दिखा दी गई असली बहादुरी है। मोशन पोस्टर में दिखाई गई है रोज़-मर्रा की बहादुरी – नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, लिफ्ट ऑपरेटर, सिक्योरिटी स्टाफ, एडमिनिस्ट्रेटर… वो सब चेहरे जिन्हें हम रोज़ देखते हैं पर शायद कभी ठीक से देखते नहीं। जब शहर में डर का माहौल था, तब इन लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ज़िम्मेदारी को चुना, और हॉस्पिटल के अंदर ज़िंदगी को चलाए रखा, चाहे बाहर कितना भी केओस हो। कंगना रनौत के साथ, भारत भाग्य विधाता अपनी कहानी का दिल हॉस्पिटल के कॉरिडोर में धड़कता है – जहाँ डर को पैनिक से नहीं, बाल्की हिम्मत और साथ मिलकर फैसलों से हैंडल किया गया।
कंगना रनौत कहती हैं,
“भारत भाग्य विधाता उन लोगों को सलाम है जो आम तौर पर नज़र नहीं आते, लेकिन संकट में इंसानियत की सबसे बड़ी दीवार बन जाते हैं। जब मुश्किल आती है, हम अक्सर यूनिफॉर्म वाले या अथॉरिटीज़ की तरफ देखते हैं। लेकिन यह फिल्म उन यूनिफॉर्म को ट्रिब्यूट है जो तब तक नज़र नहीं आते जब तक दुनिया जल नहीं रही होती- खून से लगे एप्रन, हॉस्पिटल के स्क्रब, और आम लोगों के घिसे-पिटे कपड़े। असली हिम्मत को न बैज की ज़रूरत होती है, न परमिशन की, न मेडल की। इस मोशन पोस्टर का हर फ्रेम हमें मजबूर करता है उन लोगों की आँखों में देखने के लिए, जिन्होंने सब कुछ दे दिया बिना किसी तारीफ की उम्मीद के। मुझे गर्व है कि मैं इस कहानी का हिस्सा हूँ।”
डॉ. जयंतीलाल गड़ा (पेन स्टूडियो) कहते हैं,
“हमारे देश को जोड़कर रखता है एक सिंपल सा इमोशन – एंपैथी। क्राइसिस के वक़्त एक इंस्टिंक्ट होता है जहाँ एक इंडियन दूसरे इंडियन के लिए खड़ा हो जाता है। वही स्ट्रेंथ और रेजिलिएंस भारत भाग्य विधाता का कोर है। पेन स्टूडियो के लिए यह फिल्म सिर्फ बिज़नेस नहीं, बाल्की एक सच को ज़िंदा रखने की ज़िम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि ऑडियंस याद रखे – देश की किस्मत सिर्फ पावर में बैठे लोग नहीं, बाल्की रोज़ मिलने वाले आम लोग भी लिखते हैं।”
राइटर-डायरेक्टर मनोज तपाड़िया कहते हैं,
“आज के सिनेमा में सबसे आसान है दिखाना गोलियों की आवाज़, तोड़-फोड़ और दहशत। लेकिन हमने पहले दिन से तय किया कि हम दिखाएंगे बहादुरी की खामोशी। वो एक सेकंड का पल, जब एक आम इंसान मौत के सामने खड़ा होता है, अपने डर को दबाता है और किसी और के लिए शील्ड बन जाता है। सिनेमा के पास एक खूबसूरत पावर होती है – ट्रेजेडी के अंदर जाकर उसकी इंसानियत कैप्चर करना। हमारा कैमरा छोटी-छोटी डिटेल्स पर फोकस करता है – एक नर्स का धड़कता दिल जब वो वार्ड का दरवाज़ा पकड़कर खड़ी है, या एक वार्ड बॉय जो भाग के बजाए पेशेंट्स के साथ रुकता है। यह मोशन पोस्टर हमारा प्रॉमिस है उसी इमोशनल सच्चाई का।” कंगना रनौत के साथ फिल्म में गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता थट्टे, रसिका अघासे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान भी नज़र आएंगे। डॉ. जयंतीलाल गड़ा (पेन स्टूडियोज़) के प्रेजेंटेशन में बनी भारत भाग्य विधाता, पेन स्टूडियोज़, मणिकर्णिका फिल्म्स, परमहंस क्रिएशन्स के साथ, यूनोइया फिल्म्स LLP और फ्लोटिंग रॉक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के कोलेबोरेशन में प्रोड्यूस हुई है। मनोज तपाड़िया ने इसे लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म को पेन मरुधर डिस्ट्रीब्यूट करेगा, और यह 12 जून 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है।
भारत भाग्य विधाता ने अपने मोशन पोस्टर के साथ देश के अनसंग हीरोज़ को दिया सलाम
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