मुंबई। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस एवं शील सप्तमी के शुभ अवसर पर प्रातः काल 6-15 बजे से 7-30 बजे तक प्रेक्षाध्यान की कार्यशाला का सुन्दर आयोजनअशोक नगर कांदिवली में मुंबई में किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मंगल भावना के साथ श्री दुगड ने किया। शिला बेन ने कुछ प्रयोग करवाऐ ।
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दुगड़ ने महिला शब्द का अर्थ बताते हुए म यानी ममत्व , हि यानि हिम्मत, लाज यानि लज्जा अपने वक्तव्य को आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा महिला अपने पति के लिए चरित्र है बच्चों के लिए ममता है समाज की लिए शील एवं कर्तव्य निष्ठा है पूरे विश्व लिए करूणा और प्रमोद भावना की प्रतिमूर्ति है महिला। सभी केंद्रों में अलग-अलग क्रम बद्ध दो दिनों तक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए अनेक प्रेक्षाध्यान के विशेष प्रयोग करवाए। और कहा महिलाएं हर कार्य में पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है और हर क्षैत्र में अपना परचम फैला रही है। आपने ध्यान का सुंदर प्रयोग करवाया ।उसे लोग काफी प्रभावित हुए।
श्री दुगड़ ने बताया ध्यान के द्वारा हम कैसे भावों को बदल सकते हैं अपने आभामंडल को पवित्र और निर्मल बना सकते हैं। भावधारा को बदला जा सकता है। अंतर दृष्टि को जागृत किया जा सकता है ।बहुत ही अच्छे ढंग से समझाया।प्रेक्षा गीत का स़ंगान उपस्थित सभी साधक साधिकाओं द्वारा किया गया। जैसा कि आप सबको विदित है वर्तमान में दुगड दंपति के संचालकत्व में चार प्रेक्षाध्यान केंद्र चलते हैं चारों केंद्र में क्रमबद्ध दुगड दंपत्ति द्वारा महिला दिवस मनाया गया। बहिनों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई गार्डन केंद्र में जोशी सर बिमला पटेल विमला जी दुगड ने अपने विचारों की अभिव्यक्ति दी चारों केदो में भी महिला प्रशिक्षकों की संख्या अधिक है। हम सबके लिए गौरव की बात है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रेक्षाध्यान कार्यशाला का आयोजन

