मुंबई/चिपलून। देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है। एक विचारधारा कांग्रेस की है तो दूसरी भाजपा की। कांग्रेस और भाजपा के सपनों का भारत अलग है। संविधान के अनुरूप भारत का निर्माण करना कांग्रेस का प्रयास है, जबकि यह देश केवल मुट्ठीभर लोगों का हो, स्त्री-पुरुष समानता को न मानने वाला, छुआछूत को स्वीकार करने वाला मनुवादी विचार भाजपा का है, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।
चिपलून में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर का मार्गदर्शन करते हुए प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दोनों विचारधाराओं के बीच का अंतर स्पष्ट किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-भाजपा को सत्ता और संपत्ति चाहिए, सभी संस्थाओं पर कब्जा चाहिए, हिंसा, द्वेष और भय का वातावरण फैलाना, असत्य कथन करना और देश को मुट्ठीभर लोगों के हाथ में देना, यही उनकी संकल्पना है, और आज भारत में उसी प्रकार का वातावरण दिखाई दे रहा है। चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई, न्यायपालिका तथा अन्य सरकारी संस्थाओं पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है और पूरे देश में उन्होंने अराजकता फैला रखी है। भाजपा मनुस्मृति और ‘बंच ऑफ थॉट’ के अनुरूप भारत बनाने का प्रयास कर रही है। इसके विपरीत कांग्रेस की विचारधारा अलग है। यह देश सबका है, देश की संपत्ति पर सभी लोगों का अधिकार है, सत्ता का विकेंद्रीकरण होना चाहिए- यह कांग्रेस का विचार है। संविधान के अनुसार देश चलना चाहिए-यह कांग्रेस की भूमिका है। इस संविधान में छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज्य के विचार, शिव, शाहू, फुले, आंबेडकर, संत परंपरा, वारकरी संप्रदाय और बसवेश्वर महाराज के विचार समाहित हैं।
हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले मंत्रिमंडल में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने छह गैर-कांग्रेसी नेताओं को स्थान दिया था। इसके पीछे सभी विचारधाराओं को साथ लेकर चलने का विचार था। एक सामान्य महिला ने पंडित नेहरू की कॉलर पकड़कर पूछा था, “स्वतंत्रता ने मुझे क्या दिया?” उस समय नेहरू ने उस महिला को गिरफ्तार नहीं कराया, बल्कि शांतिपूर्वक उसके प्रश्न का उत्तर दिया। आज के भारत में ऐसी हिम्मत कोई नहीं कर सकता। यदि युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता आंदोलन करते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर देशद्रोही बताने का दुष्प्रचार किया जाता है। आज सरकार के खिलाफ कोई बोल नहीं सकता- ऐसी भयावह स्थिति देश में है। कांग्रेस को समाप्त करने के अनेक प्रयास हुए, लेकिन कांग्रेस समाप्त नहीं होगी। कांग्रेस को एक बड़ा ऐतिहासिक विरासत प्राप्त है। जिन्होंने कांग्रेस-मुक्त भारत का सपना देखा था, वही आज कांग्रेस-युक्त हो गए हैं। हमारे नेता राहुल गांधी ने हमें “डरो मत” का संदेश दिया है। किसी भी दबाव या दहशत से बिना डरे विचारों की लड़ाई लड़ो- जो लड़ेगा वही जीतेगा, ऐसा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता विवेक वेलणकर, कांग्रेस नेता एवं पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन, आरजे संग्राम खोपड़े तथा कांग्रेस प्रवक्ता हनुमंत पवार ने भी कार्यशाला को संबोधित किया।
देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई, कांग्रेस की विचारधारा संविधानवादी तो भाजपा की मनुवादी: हर्षवर्धन सपकाल

