दासरहल्ली। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में टी दासरहल्ली महिला मंडल द्वारा हमसफर सेशन 2 कार्यशाला का आयोजन तेरापंथ भवन में किया गया। सुखी जीवन का मंत्र विषय पर डॉ मुनिश्री पुलकित कुमार जी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा हमसफर का मतलब है जीवन यात्रा में चलने वाले आत्मीय व्यक्ति।
जीवन में अनेक जोड़े बन सकते हैं जैसे पति-पत्नी, भाई बहन, माता पुत्र, पिता पुत्री, सास बहू आदि की अपनी अपनी जिम्मेदारी एवं कर्तव्य होते हैं ।इन रिश्तों की उपेक्षा ना करें जीवन को सुखी बनाने के लिए इनकी उपयोगिता को समझें। मुनिश्री ने आगे कहा परिवार को स्वर्ग बनाने के लिए गुणों पर ध्यान दें। परिवार को बिखरने से बचाएं।
सुखी जीवन के मंत्र बताते हुए मुनिश्री ने कहा पहला मंत्र है सुने अधिक सुनाएं कम। दूसरा मंत्र है किसी भी कार्य को हड़बड़ी में ना करें, हड़बड़ी में गड़बड़ी होती है। तीसरा मंत्र है परिवार में एकता होनी चाहिए।
जैसे हाथ की उंगलियां मिलकर ही मुट्ठी बनती है, मुट्ठी की ताकत का विशेष महत्व होता है इसी तरह परिवार में बिखराव नहीं एकता होनी चाहिए। नवकार महामंत्र से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मुनिश्री आदित्य कुमार ने युवा पीढ़ी को अध्यात्म से कैसे जोड़े इस विषय पर विचार व्यक्त किए। तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्ष गीता बाबेल ने स्वागत भाषण दिया। आभार ज्ञापन उपाध्यक्ष सुनीता भटेवरा ने किया।कार्यक्रम का संचालन मंत्री किरण मेंहर ने किया। इस अवसर पर भगवती लाल मांडोत लादूलाल बाबेल प्रवीण बोहरा राकेश चावत दिलीप पितलिया कन्या मंडल प्रभारी सुनीता बोहरा मीना बाबेल सरोज मारू आदि उपस्थित थे।

