विकास धाकड़ {मुंबई}। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी शिष्या शासन श्री साध्वी श्री विद्यावतीजी ‘द्वितीय’ ठाणा 5 के पावन सान्निध्य में भायेदर में प्रथम बार त्रिदिवसीय दीपावली अनुष्ठान का उपक्रम रखा गया। साध्वी श्री प्रियंवदाजी, साध्वी प्रेरणाश्रीजी, साध्वी मृदुयशाजी एवं साध्वी ऋद्धियशाजी ने कई मंत्रों एवं स्तोत्रों का उच्चारण किया।
अनुष्ठान में संभागी बनने वाले श्रावक श्राविकाओं ने पूरी तन्मयता एवं एकाग्रता के साथ श्रवण किया। अनुष्ठान से पहले भक्तामर का पाठ होता था मंत्रों के श्रवण से सभी ने अपने भीतर एक नई ऊर्जा का अनुभव किया। भगवान महावीर के निर्वाण दिवस के दूसरे दिन शानदार उपस्थिति के मध्य बृहद मंगल पाठ का आयोजन हुआ। साहवी प्रियंवदाजी ने कई सर्वसिद्धिदायक मंत्रों का उच्चारण किया।
साध्वीश्री विद्यावतीजी ने कहा- मंगल पाठ में ऐसी शक्ति होती है जो अपने मनोबल को मजबूत बनाती है। इसके श्रवण से भीतर में परम शांति की अनुभूति होती है। अरिहंत, सिद्ध आचार्य, उपाध्याय एवं साधु के स्मरण मात्र से विघ्नबाधा दूर हो जाती है। इस अवसर पर साध्वी वृंद ने मंगल भावना का उच्चारण करवाया। मंगल पाठ में स्थानीय तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल एवं तेरापंथ समाज भायंदर एवं मीरां रोड की सराहनीय उपस्थिति रही।

