राजकुमार गौतम,नानपारा (बहराइच- उ.प्र.)। जिले के नानपारा कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह गोकशी के दो मुख्य आरोपियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। गोलीबारी में एक आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि दूसरा भागने की कोशिश के दौरान पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और मौके से एक तमंचा तथा कारतूस बरामद किए हैं। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। यह घटना गोकशी के खिलाफ पुलिस की सख्ती का एक और उदाहरण है, जो जिले में ऐसी आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
नानपारा कोतवाली प्रभारी राजनाथ सिंह को आज सुबह मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि गोकशी के मुख्य आरोपी वसीम और खुदा बख्श बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार होकर ताजपुर की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ उप निरीक्षक शशि प्रताप, चौकी इंचार्ज राजा बाजार राम गोविंद वर्मा तथा उप निरीक्षक राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया, दोनों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वसीम के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल होने के बावजूद वसीम ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे तुरंत दबोच लिया। वहीं, खुदा बख्श भी भागने के प्रयास में नाकाम रहा और उसे भी बरामद बाइक समेत गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ। पकड़े गए दोनों आरोपी वसीम (उम्र लगभग 28 वर्ष) और खुदा बख्श (उम्र लगभग 32 वर्ष) नानपारा क्षेत्र के निवासी हैं। इन पर जुमईपुरवा गांव में गुरुवार रात और शुक्रवार तड़के के बीच गोकशी की घटना को अंजाम देने का आरोप है। ग्रामीणों की शिकायत पर नानपारा कोतवाली में गोकशी का मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी बिना नंबर वाली बाइक पर सवार होकर जुमईपुरवा पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक गाय की हत्या की और उसके अवशेषों को छिपाने का प्रयास किया। यह घटना स्थानीय स्तर पर आक्रोश का कारण बनी थी, क्योंकि बहराइच जिले में गोकशी के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से गोकशी के धंधे में लिप्त थे और नेपाल सीमा के निकट होने के कारण अक्सर भागने की योजना बनाते रहते थे। इस मुठभेड़ से न केवल यह केस सुलझ गया है, बल्कि क्षेत्र में गोकशी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक 315 बोर का देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खाली खोल बरामद किया है। बरामद बाइक भी बिना नंबर प्लेट वाली पाई गई, जो आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की पुष्टि करती है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, गोकशी निषेध अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी मय फोर्स के घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके का मुआयना किया और पुलिस टीम को बधाई दी। एसपी राम नयन सिंह ने बताया, “हमारी टीमें सतत निगरानी में हैं। गोकशी जैसी असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। यह कार्रवाई इसी का परिणाम है।” मुठभेड़ के तुरंत बाद घायल आरोपी वसीम को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नानपारा ले जाया गया। वहां डॉ. संतोष यादव और फार्मासिस्ट पीके शुक्ला ने प्राथमिक उपचार प्रदान किया। डॉक्टरों के अनुसार, गोली पैर की हड्डी से चूकते हुए नरम ऊतक को छू गई थी, लेकिन गंभीर चोट नहीं पहुंची। फिर भी सावधानी बरतते हुए वसीम को जिला चिकित्सालय बहराइच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। खुदा बख्श को कोतवाली में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बहराइच जिला, जो नेपाल सीमा से सटा हुआ है, गोकशी जैसी घटनाओं का एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई अभियान चलाकर दर्जनों आरोपियों को पकड़ा है। इस मुठभेड़ से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई से क्षेत्र में शांति बनी रहेगी।
नानपारा कोतवाली क्षेत्र में गोकशी के आरोपियों से पुलिस मुठभेड़, एक आरोपी घायल, दोनों गिरफ्तार

