मुंबई:लोकसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने के लिए भाजपा अपने पुराने सहयोगी दल शिवसेना को मनाने में लगी हुई है। वहीं शिवसेना के हिसाब से गठबंधन तभी संभव होगा, जब यह विधानसभा चुनावों के लिए भी हो। सिर्फ लोकसभा चुनावों के लिए वह गठबंधन को तैयार नहीं है। शिवसेना यह भी चाहती है कि विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनावों के साथ कराए जाएं।
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनावों के बाद ही विधानसभा चुनाव होते हैं। वर्ष 2014 में लोकसभा चुनावों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की थी और राज्य की 48 में से 40 लोकसभा सीटें जीती थी। भाजपा को 22 और शिवसेना को 18 सीटें मिली थीं। विधानसभा चुनावों में सीटों की हिस्सेदारी तय नहीं होने के कारण दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा।
हालांकि, बाद में सरकार बनाने के लिए दोनों दल एक हो गए। फिर भी केंद्र एवं राज्य में साथ होने के बावजूद दोनों दलों में मतभेद कायम हैं। शिवसेना का आरोप है कि विधानसभा चुनावों में गठबंधन भाजपा ने तोड़ा, क्योंकि तब उसे लगता था कि उनकी स्थिति अच्छी है। इस खटास को शिवसेना अभी तक भुला नहीं पा रही है।
लोकसभा चुनाव में BJP संग गठबंधन के लिए शिवसेना ने रखी ये मांग

