नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव आयोग द्वारा धोखाधड़ी की अनुमति देने के “100 प्रतिशत ठोस सबूत” हैं। राहुल ने चेतावनी दी कि आयोग और उसके अधिकारी इस मामले से बच नहीं पाएंगे, क्योंकि कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएगी। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हमने कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र की जांच की, जहां हजारों संदिग्ध वोटर मिले, जिनकी उम्र 50, 60 या 65 वर्ष है, लेकिन उन्हें नए मतदाता के रूप में दर्ज किया गया। यह धोखाधड़ी का स्पष्ट प्रमाण है।” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग भारत के संवैधानिक संस्थान की तरह काम नहीं कर रहा और बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर आयोग का हालिया बयान “पूरी तरह बकवास” है।
राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी पोस्ट कर आयोग को चेतावनी दी, “चुनाव आयोग गलतफहमी में न रहे! वोट चोरी करने के आपके हथकंडों के 100% पुख्ता सबूत हमारे पास हैं। हम उन्हें सामने लाएंगे और लोकतंत्र को बर्बाद करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
चुनाव आयोग का पलटवारराहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कड़ा जवाब दिया। आयोग ने कहा कि कर्नाटक लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने किसी भी हारे हुए प्रत्याशी की ओर से जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 80 के तहत कोई चुनाव याचिका दायर नहीं की। आयोग ने राहुल के आरोपों को “निराधार” और “धमकी भरा” बताते हुए कहा कि यदि कोई याचिका दायर की गई है, तो हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्नाटक की मतदाता सूची से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए कांग्रेस ने उपलब्ध कानूनी उपायों का उपयोग नहीं किया। आयोग ने राहुल से “झूठे और आधारहीन आरोपों” से बचने की सलाह दी।
राहुल गांधी ने बिहार में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में मतदाता सूची में हेरफेर हो रहा है और आयोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा। इससे पहले, राहुल ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में धांधली का आरोप लगाते हुए इसे “लोकतंत्र में धांधली का ब्लूप्रिंट” बताया था। उन्होंने दावा किया था कि पांच महीनों में महाराष्ट्र में 41 लाख नए वोटर जोड़े गए, जो संदेहास्पद है।
चुनाव आयोग गलतफहमी में न रहे!
वोट चोरी करने के आपके हथकंडों के 100% पुख्ता सबूत हैं हमारे पास।
हम उन्हें सामने भी लाएंगे और आप इसके अंजाम से बच नहीं पाएंगे – लोकतंत्र और संविधान को बर्बाद करने की कोशिश करने वाले बक्शे नहीं जाएंगे। pic.twitter.com/gYAVbDo20O
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2025
कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने भी आयोग के 24 जून के निर्देशों का पालन न होने का आरोप लगाया। वहीं, विपक्षी गठबंधन INDIA के सहयोगी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में चुनाव बहिष्कार की बात कही, जिस पर राहुल ने कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की।
बीजेपी ने राहुल के आरोपों को “हताशा” का परिणाम बताया। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी कई चुनावों में हार से दुखी हैं और “विचित्र साजिशें” रच रहे हैं। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी राहुल के आरोपों को “राजनीतिक शिगूफा” करार देते हुए कहा कि कांग्रेस केवल हार के बाद ही आयोग पर सवाल उठाती है।
चुनाव आयोग ने कहा कि वह सभी राजनीतिक दलों को प्राथमिक हितधारक मानता है और औपचारिक शिकायत मिलने पर तथ्यों के साथ जवाब देगा। आयोग ने यह भी बताया कि उसने महाराष्ट्र चुनाव के संबंध में कांग्रेस को 24 दिसंबर 2024 को जवाब दिया था, जो उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है। आगे की राहराहुल गांधी ने संकेत दिया है कि कांग्रेस इस मामले को और गंभीरता से उठाएगी और जल्द ही सबूत सार्वजनिक करेगी। उन्होंने कहा, “हमने सिर्फ एक सीट की जांच की है, और हमें धोखाधड़ी के सबूत मिले हैं। मुझे यकीन है कि हर निर्वाचन क्षेत्र में ऐसा ही हो रहा है।” यह विवाद बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहा है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस जारी है, और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

