मुंबई। हर साल की तरह इस साल भी सफ़ेद दाग़ से प्रभावित लोगों के लिए आरुष फाउंडेशन वर्ल्ड विटिलोगो डे (विश्व सफ़ेद दाग़ दिवस) मनाने जा रहा है। कोरोना महामारी की वजह से इस बार आरुष फाउंडेशन ने सामाजिक दूरी बनाने के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम रखा है।जिससे लोग घर बैठे ही इसे भारी तादाद में मना सकें और इससे बिना किसी कठिनाई के जुड़ सके। आरुष फाउंडेशन विगत चार सालों से सफ़ेद दाग़ से प्रभावित लोगों के लिए काम कर रहा है और देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी लोगों को और समाज को जागरूक कर रहा है।
भारत में सफ़ेद दाग़ को लेकर कई भ्रांतियां है कि यह प्रभावित व्यक्ति को छूने से फैलता हैं, ये प्रभावित व्यक्ति के साथ रहने या खाने से फैलता हैं। जिसके चलते सफेद दाग वाले लोगों को हेय दृष्टि से देखा जाता है और लोग ऐसे व्यक्ति से एक उचित दूरी बना कर रखने में भरोसा रखते हैं। इन्हीं भ्रांतियों की वजह से इससे प्रभावित लड़कियों कि शादी जल्दी नहीं हो पाती या लड़कों को कई जगह नौकरी नहीं दिया जाता। सामाजिक दूरी और बहिष्कार वाले रवैए से प्रभावित व्यक्ति तनाव का शिकार होने लगता है। इन्हीं सब परेशानियों से आरुष फाउंडेशन के संस्थापक श्री आकाश तिवारी जी को भी दो चार होना पड़ा जिन्हें सफ़ेद दाग़ है।शुरू में इन्हे भी तनाव का सामना करना पड़ा वो भी मुंबई जैसे महानगर में जहां लोग काफ़ी शिक्षित माने जाते हैं।
आकाश तिवारी जी के मन में अाया की जब यहां जानकारी का इतना अभाव है तो बाक़ी जगह ऐसे व्यक्ति के साथ कैसे व्यवहार किया जाता होगा।इसी सोच के साथ आकाश तिवारी जी ने आरुष फाउंडेशन की स्थापना की। जिसका प्रमुख उद्देश्य समाज में सफ़ेद दाग़ के प्रति फैली भ्रांतियां ख़तम करने और ऐसे लोगो को मानसिक रूप से सबल बनाने और उनका आत्म विश्वास मजबूत करने की है। कोरोना वायरस के कारण आरुष फाउंडेशन ने ऑनलाइन कार्यक्रम करने का फ़ैसला लिया है।ऑनलाइन कार्यक्रम तीन दिनों का रखा गया है। 23 जून से लेकर 25 जून तक।
पहले दिन 23 तारीख को पोस्टर के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा , जिसमें लोग पोस्टर के माध्यम से घर में ही रह के सोशल मीडिया के द्वारा लोगों तक संदेश पहुंचाएंगे।पोस्टर में अलग अलग संदेश लिख के ये जानकारी पहुंचाया जाएगा जैसे मैं विटीलिगो को सपोर्ट करता हूं। जिसमें आरुष फाउंडेशन को टैग कर के ये संदेश लाखों लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
दूसरे दिन 24 तारीख को एक ऑनलाइन प्रतियोगिता होने वाला है।इस प्रतियोगिता में जो भी प्रश्न होंगे वो सफ़ेद दाग़ से सम्बन्धित ही रहेंगे।इस प्रतियोगिता में लोगों के मन में जो अंधविश्वास है गलत धारणा है उसे दूर किया जाएगा प्रश्न के उत्तर के माध्यम से। हर प्रतियोगी को उसके सहभागिता के लिए सम्मान पत्र भी दिया जाएगा।
तीसरे और आख़िरी दिन 25 जून को आरुष फाउंडेशन ऑनलाइन लाइव सेशन रखने वाला है। जिसमें सभी खुशकिस्मत सफ़ेद दाग़ से प्रभावित लोग जुड़ेंगे। आरुष फाउंडेशन इन्हे खुशकिस्मत इसलिए मानता है कि भगवान सामान्य इंसान को एक ही रंग देता है लेकिन सिर्फ़ खुशकिस्मत लोगों को ही वो दो रंग देता है।हम चाहते हैं ये लाइव सेशन ज्यादा से ज्यादा लोग देखे और इससे जुड़े।आप हमारे वीडियो को इंस्टाग्राम, फ़ेसबुक,यूट्यूब पर भी देख सकते हैं।अपना सहयोग करते हुए इस कार्यक्रम से आप सब ज़रूर जुड़े और आरुष फाउंडेशन को सहयोग करते रहे जिससे हम समाज में सफ़ेद दाग़ से होने वाले भ्रांति को दूर कर सके।
23 से लेकर 25 जून तक मनेगा वर्ल्ड विटिलोगो डे, जानें इसके बारे में..

