वाराणसी:सोमवार को वाराणसी में 15वें भारतीय प्रवासी दिवस का आगाज युवा प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम से हुआ। इसमें दुनिया के 75 देशों से आए युवा प्रवासियों पर विशेष फोकस था। पहले दिन की थीम- नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका, को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह आयोजन आपको अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ देश के विकास में भागीदार बनने का मौका देता है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अब नवाचार और स्टार्ट-अप का देश है। तकनीकी क्षेत्र में प्रवासी भारतीयों का योगदान अनुकरणीय है। सिलिकॉन वैली के लगभग 16% स्टार्टअप में एक भारतीय सह-संस्थापक है। भारतीय स्टार्ट अप्स का आंकड़ा व्यावसायिक सॉफ्टवेयर में भी अधिक है। उन्होंने कहा कि “हम कौशल विकास के लिए एक आधारभूत संरचना के निर्माण में भागीदार हो सकते हैं जो भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अधिक से अधिक रोजगार में योगदान देगा।
2022 तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी आबादी
उन्होंने कहा कि 2022 में भारत दुनिया का सबसे युवा देश होगा जिसमें 64 फीसदी आबादी की औसत उम्र 29 वर्ष होगी। 2022 तक भारत में दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी आबादी होगी। यह जनसांख्यिकीय संभावना 2022 तक न्यू यंग इंडिया बनाने में योगदान दे सकती है। विदेश मंत्री के अनुसार भारत 2022 तक दुनिया के लिए कुशल जनशक्ति का स्रोत होगा। हमारी पहल 2022 तक भारत को दुनिया की कौशल राजधानी बनाने की है। केन्द्र सरकार की प्रवासी कौशल विकास योजना उन भारतीय युवाओं की कौशल वृद्धि करती है जो विदेशों में रोजगार चाहते हैं।
उच्च शिक्षा और अनुसंधान में योगदान करें
विदेश मंत्री ने कहा कि बेहतर अवसरों की तलाश में आपके पूर्वजों ने भारत छोड़ दिया था। आज भारत में शिक्षा क्षेत्र आपके बच्चों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बहुत ही आकर्षक हो गया है। भारत आज कुछ सर्वश्रेष्ठ विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले देशों में एक है। विदेश मंत्री ने कहा, हम चाहते हैं कि भारत उच्च अनुसंधान और विकास क्षमताओं का केंद्र बने। हमने एनआरआई और ओसीआई कार्ड धारकों के लिए भारतीय संस्थानों और विश्वविद्यालयों में बेहतर अनुसंधान की गुंजाइश बढ़ा दी है। सुषमा स्वराज ने युवा प्रवासियों से कहा कि ‘सुरक्षित जाओ, प्रशिक्षित जाओ’ योजना के माध्यम से दूसरे देशों में काम करने वाले लोगों की मदद की जा रही है। हम फर्जीवाड़ा करके विदेश भेजने वाली एजेंसियों पर भी लगाम लगा रहे हैं। आज भारतीयों का पासपोर्ट उनका सुरक्षा कवच बन गया है।
युवा प्रवासी भारत के सबसे बड़े राजदूत: राज्यवर्धन
केंद्रीय युवा कल्याण एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सम्मेलन में कहा कि दुनिया के देशों में भले ही भारतीय राजदूत हों मगर भारत के सबसे बड़े राजदूत युवा प्रवासी ही हैं। उनके भीतर भारत अब भी जी रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह बहुत कठिन दौर रहा होगा, जब आपके पूर्वज देश छोड़कर बाहर गये होंगे। उन्होंने अपनी ताकत, अपनी प्रतिभा के बल पर न केवल खुद को स्थापित किया बल्कि उनकी चौथी, पांचवी पीढ़ी आज नये मुकाम हासिल कर रही है। उसी ताकत की देन है कि विश्व में प्रवासी भारतीयों की सफलता का श्रेय भारत भी लेता है। कहा कि अच्छे काम से जब आपकी तारीफ होती है तब कहा जाता है कि वे भारत से हैं। कहा कि भारतवासियों से सीखने की जरूरत है।
खेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सिद्धांत सबका साथ… केवल सरकार नहीं, बल्कि हम सबके लिए है। खेल, स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि अभियान में सभी का साथ होना चाहिए। कहा कि विश्व स्तर पर भारत की छवि पिछले साढ़े चार साल में बेहतर हुई है। उन्होंने युवा प्रवासी भारतीयों का आह्वान किया कि हमें बदलते भारत को और आगे ले जाने के लिए आपके सहयोग की जरूरत है।
पाकिस्तानी खिलाड़ी ने कहा, आई एम इंडियन
खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने कहा कि दूसरे देशों में भारतीय बताना गर्व की बात है। उन्होंने एक संस्मरण सुनाया कि हम सभी खिलाड़ी दूसरे देश में इकट्ठा थे। साथ में पाकिस्तान के भी खिलाड़ी थे। भारतीय खिलाड़ियों ने बताया कि वी आर इंडियन। पाकिस्तान के खिलाड़ी ने भी कहा कि आई एम इंडियन। पाकिस्तान के खिलाड़ी ने हंसते हुए कहा कि भारतीय बताने से इज्जत ज्यादा मिलती है।

