By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: यह मेरा देश है,धर्मशाला नहीं
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
ArticlesEditorial

यह मेरा देश है,धर्मशाला नहीं

Last updated: December 13, 2019 10:52 am
Surabhi Saloni
Share
4 Min Read
SHARE

आदित्य तिक्कू।।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने १३ दिसम्बर २०१९ को नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2019 को अपनी मंजूरी दे दी, जिसके बाद यह एक कानून बन गया है। वैसे नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर जैसा माहौल खड़ा किया गया उसे देखते हुए देश  में उसे लेकर हंगामा होना तय ही था। केवल विपक्षी दल ही यह साबित करने पर जोर नहीं दे रहे है कि यह विधेयक संविधान व भारतीय मुस्लिम विरोधी है, यह  काम कई तथाकथित  बुद्धिजीवी भी करने में लगे हुए है। उनकी सुने तो यह समानता के अधिकारों का हनन करता है, लेकिन वे यह स्पष्ट करने का कष्ट  नहीं कर पा रहे हैं कि समानता का अधिकार भारतीय नागरिकों पर ही लागू हो सकता है, न कि अन्य देशों के नागरिकों पर। नागरिकता संशोधन विधेयक के जरिये भारत यह तय करने जा रहा है कि वह पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के किन लोगों को नागरिकता प्रदान कर सकता है? यह समझने की जरूरत है कि यह विधेयक दुनिया भर के लोगों को नागरिकता प्रदान करने के लिए नहीं है। इस विधेयक के विरोध में दूसरी बड़ी दलील यह दी जा रही है कि यह धार्मिक आधार पर भेदभाव करता है। नि:संदेह इस विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक यानी हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी, ईसाई मत के लोगों को ही नागरिकता देने की व्यवस्था है, लेकिन यदि इन तीनों देशों के मुसलमानों को रियायत नहीं दी गई है तो इसके पीछे ऐतिहासिक कारण और यह तथ्य है कि ये सभी मुस्लिम बहुल देश हैं।
आखिर यह क्यों विस्मृत किया जा रहा है कि देश का विभाजन मजहब के आधार पर हुआ था? इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की अनदेखी क्यों की जानी चाहिए? विडंबना यह है कि इसी के साथ इस तथ्य की भी अनदेखी की जा रही है कि बांग्लादेश से आए लाखों लोगों ने पूर्वोत्तर के कई इलाकों में सामाजिक परिदृश्य इस हद तक बदल दिया है कि स्थानीय संस्कृति के लिए खतरा पैदा हो गया है। वास्तव में इसी कारण पूर्वोत्तर के अधिकांश इलाकों को नागरिकता संशोधन विधेयक के दायरे से बाहर किया गया है।समझना कठिन है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के मुसलमानों को नागरिकता संशोधन विधेयक से बाहर रखने का विरोध करने वाले इसकी अनदेखी क्यों कर रहे है कि इस विधेयक में श्रीलंका के तमिल हिंदुओं को भी कोई रियायत नहीं दी जा रही है। क्या विपक्ष इसकी चर्चा करने से इसीलिए बच रहा है ताकि वोट बैंक की राजनीति करने में आसानी हो? लोगों को सरलता से  भ्रमित किया जा सके? यह ठीक नहीं है कि संकीर्ण राजनीतिक कारणों से यह हवा बनाई जाए कि यह विधेयक मुस्लिम विरोधी है। बेहतर हो कि यह हवा बनाने वाले यह स्पष्ट करें कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यकों के बीच भेद क्यों नहीं किया जाना चाहिए? लिख लीजिये यदि इन तीनो देश के मुसलमानों को अनुमति मिल जाती तो बहुत बड़ी आबादी भारत की नागरिकता के लिए कतार में होती। जो  देश  गधों को बेचते-बेचते इंसानो को बेचने लग जाए तो सोचिये वह देश किस स्थिति में होगा। भारत कोई धर्मशाला नहीं कि जो चाहे यहां बसने  आ जाये।आप अपने देश को सक्षम बनाइये कि वो अपने देश में ही रहे और आये भी तो सही रस्ते से आये। इंसान हैं,  भेड़ बकरी नहीं कि  रास्ता भटक के आ गये और हम चारा दें  व भरण पोषण करें।

TAGGED:#aDITYa_TIKKU#Editorial

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article दिल्ली में कांग्रेस की ‘भारत बचाओ’ रैली कल, गिरती अर्थव्यवस्था-बढ़ती बेरोजगारी मुद्दे होंगे
Next Article अमेरिका-चीन के बीच पहले चरण की ट्रेड डील हुई, 160 अरब डॉलर के चाइनीज इंपोर्ट पर टैरिफ का फैसला टलेगा

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

मटका किंग ने प्राइम वीडियो इंडिया पर नंबर 1 पर एंट्री मारी, इंटरनेशनल लेवल पर भी बना चर्चा का विषय
entertainment
April 18, 2026
वरुण-मृणाल का ‘वियाह करवाड़ो जी’ रिलीज़, हर संगीत की जान बनने को तैयार
entertainment
April 18, 2026
एक्शन मोड में रश्मिका मंदाना! बैंकॉक में 8 घंटे की मुश्किल ट्रेनिंग पूरी, ‘मायसा’ के अगले शेड्यूल के लिए हैं पूरी तरह तैयार
entertainment
April 18, 2026
इम्तियाज़ अली की ‘Main Vaapas Aaunga’ से दिलजीत दोसांझ और ए. आर. रहमान का गाना हुआ रिलीज़
entertainment
April 18, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?