मेवाड़ संघ मुम्बई के पदाधिकारियों की रही उपस्थिति, महामंत्री रोशनलाल जी बडाला का हुआ विशेष सम्मान
वसई। वसई गांव में दक्षिण सिंहनी गुरूवर्या श्री अजितकुमारी जी म.सा. की सुशिष्या चातुर्मासार्थ विराजित साध्वी विश्ववंदना जी म.सा. तथा साध्वी परमेष्ठी वंदना जी म.सा. की निश्रा में आयोजित गुरु आनंद ऋषि जी म.सा. का 119वां जन्मोत्सव सप्ताह कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही उपाध्याय प्रवर श्री केवलमुनि जी म. सा.की 108वीं जन्म जयंती मनाई गई। गुरुवार को कार्यक्रम का अंतिम दिन था, इस मौके पर विविध आयोजनों के साथ इस कार्यक्रम का समापन किया गया।
साध्वीवृन्द ने सबसे पहले नवकार महामंत्र से कार्यक्रम का शुभारंभ किया तत्पश्चात गुरुवंदना किया। गुरुवंदना साध्वीवृन्द के साथ-साथ उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने भी किया। उल्लेखनीय है कि आज वसई में आनंदऋषि जी म.सा. के जन्मोत्सव कार्यक्रम के अंतिम दिन गुणगान का विशेष आयोजन था, जिसके तहत गुरुदेव आनंद ऋषि जी महाराज के भजन व गुणगान किये गए। इस मौके पर अपने ओजस्वी प्रवचन में परमेष्ठी वंदना जी ने फरमाया कि चौमासे के दौरान हम जीवन बदलने का प्रयास कर रहे हैं। आनंद गुरु जी के जन्म जयंती के अवसर पर उनके जीवन से हमें सीखकर अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है। तमाम ऐसे महापुरुषों ने जन्म लिया जिन्होंने हमें जगाने की कोशिश की और हमें जगाते-जगाते खुद अस्त हो गए। गुरुदेव आनंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि कैसे वे श्रमण संघीय आचार्य बने। गुरुदेव आजीवन संघ को दिशा देते रहे और वे कहा करते थे मेरा जन्म समाज कल्याण के लिए हुआ है, वे इस बारे में हमेशा चिंतन किया करते थे। आज जन्मदिन के मौके पर यहां से जाते-जाते कुछ अच्छा करते हुए जाएं तो समझो आनंद ऋषि जी महाराज की जयंती मनाना सफल जो गया।
अपने प्रवचन में विश्व वंदना जी ने गुरुओं की महिमा का बखान किया और बताया कि किसतरह उन्होंने बिना किसी भेदभाव के पूरे मानव समाज के कल्याण के लिये काम किये। केवल मुनि जी पके जीवन और दीक्षा पर भी प्रकाश डाला। इन संतों के जीवन से हम जितना लें, वो कम है। अनंदऋषी जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके अनुशासन और समर्पण पर प्रकाश डाला। गुरु रत्नऋषि जी के बारे बताते हुए उनके साथ अनंदऋषि जी के साथ रहने के दौरान विभिन्न प्रसंगों काल उल्लेख किया। गुरु आनंद जी ने अपना नाम सार्थक किया। उन्होंने फरमाया कि आनंद गुरु का जन्मदिन मनाना तभी सार्थक होगा जब जीवन में कुछ परिवर्तन आये। उन्होंने उपस्थित मेवाड़ संघ मुम्बई के पदाधिकारियों से अपील किया कि छोटे-बड़े सभी संघ को साथ लेकर चलें।
महिला मंडल की सदस्यों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अध्यक्ष मांगीलाल जी बोलिया ने सभी का आभार व धन्यवाद दिया। मेवाड़ संघ के अध्यक्ष किशनजी परमार ने गुरुदेव अनंदऋषि जी महाराज के दर्शन संबंधित प्रसंग को याद करते हुए गुरु महिमा का बखान किया। वसई श्री संघ के द्वारा मेवाड़ संघ महामंत्री रोशन लाल जी बडाला को मेवाड़ संघ गौरव सम्मान’ मिलने पर बधाई दी।
महामंत्री रोशनलाल जी बडाला ने श्रमण संघ के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि श्रमण संघ का निर्माण नहीं हुआ होता तो शायद हम सभी यहां एक साथ नहीं बैठे होते। श्रमण संघ के निर्माण के लिए हमारे संतों ने अपने आचार्य पद का त्याग किया और सभी ने मिलकर श्रमनसंघ का निर्माण किया जिसके आचार्य आत्मानंद की महाराज बने। और इस श्रमण संघ को एक करने के लिये अनंदऋषि जी महाराज साहब की अहम भूमिका रही। श्री बडाला ने सभी संतों को याद किया और वसई के चातुर्मास होने के लिए योगदान देने के लिए मेवाड़ संघ के पदाधिकारियों एवं नवयुवक मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेश लोढा के योगदान का जिक्र किया। इस मौके पर केशूलाल जी, वसई संघ के उपाध्यक्ष नेमीचंद जी कोठारी ने गीत के माध्यम से सभी का अभिनंदन किया और गुरुदेव के गुणगान गाये।
मेवाड़ संघ मुम्बई से कई पदाधिकारी पहुंचे जिनमें अध्यक्ष किशनलाल परमार, महामंत्री रोशनलाल बडाला, कोषाध्यक्ष नेमीचंद धाकड़, उपाध्यक्ष जीतमल वागरेचा, मंत्री किशन बोहरा, प्रचार मंत्री पारस तातेड़, संगठन मंत्री शौकीन पामेचा, व्यवस्था मंत्री दिनेश वडालमिया, मेवद नवयुवक मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेश जी लोढा सहित वसई एवं विरार से कई श्रावक गण पहुंचे। ‘जैन आगमवाणी’ से राजकुमार तातेड़ विशेष रूप से उपस्थित थे। वसई से वीरेंद्र जी बोहरा, सुरेश पोखरना, किशन जी बोहरा, चोरडिया जी, संजय भाई, वसई संघ के उपाध्यक्ष नेमीचंद जी कोठारी, मंत्री बलवंत जी बाफना, कोषाध्यक्ष राजेश जी ठाकुरगोता, कार्यकारिणी सदस्य मितेश ठाकुरगोता, पंकज चपलोत, बाबूभाई ठाकुरगोता, प्रकाश चपलोत, निर्मल चपलोत, लाभचंद पुनमिया, भगवतीलाल तातेड़, महावीर नवयुवक मंडल से विनय ठाकुरगोता, संजय दुग्गड़, मंगल कोठारी, झुलेश पुनमिया, राकेश बोलिया, हरीश भाई, आशीष बाफना, पंकज पालरेचा, नीलेश चपलोत, उमेश ठाकुरगोता, कल्पेश कोठारी, मंगल कोठारी सहित महिला मंडल एवं कन्या मंडल के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
मंगलाचरण निकी पुनमिया, वंदना एवं रुचिका ने किया। अतिथि सम्मान में चंदनबाल महिला मंडल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अंजू चपलोत, काजल ठाकुरगोता, स्वाति जैन एवं अनिता कोठारी ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से गुरुदेव को याद किया। कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष मांगीलाल की बोलिया ने किया।

