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विविगे धम्मे माहिये क्विज पर साध्वी श्री जी के पावन सानिध्य में गोयल भवन के प्रांगण में प्रतियोगिता का सुंदर आयोजन

Last updated: October 4, 2026 1:08 am
Surabhi Saloni
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3 Min Read
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विलेपार्ले {मुंबई} विकास धाकड़/अखिल भारतीय महिला मंडल के निर्देशन अनुसार विलेपार्ले महिला मंडल द्वारा अंधेरी महिला मंडल के साथ युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री राकेश कुमारी जी, साध्वी श्री मलय विभा जी, साध्वी श्री विपुल यशा जी एवं साध्वी श्री चेतस्वी प्रभा जी के पावन सान्निध्य में ‘विवेगे धम्मे माहिये’ विषय पर आधारित क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी श्री राकेश कुमारी जी द्वारा नवकार मंत्र के उच्चारण से हुआ। तत्पश्चात विलेपार्ले एवं अंधेरी महिला मंडल की बहनों द्वारा प्रेरणा गीत के माध्यम से मंगलाचरण किया गया। प्रतियोगिता के लिए चार ग्रुप-विवेक, अहिंसा, दीक्षा एवं अपरिग्रह—बनाए गए। चारों ग्रुप से नारी लोक में प्रकाशित प्रश्नोत्तरों पर आधारित प्रश्न पूछे गए। साध्वी श्री विपुल यशा जी ने प्रश्नोत्तरी का संचालन किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान विवेक ग्रुप, द्वितीय अपरिग्रह ग्रुप, तृतीय अहिंसा ग्रुप एवं चतुर्थ स्थान दीक्षा ग्रुप ने प्राप्त किया। इस अवसर पर साध्वी श्री राकेश कुमारी जी ने कहा कि ‘विवेगे धम्मे माहिये’ आगम का महत्वपूर्ण वाक्य है, जिसका अर्थ है—विवेक में ही धर्म है। साधु-संतों के साथ-साथ गृहस्थ जीवन में भी विवेक अत्यंत आवश्यक है। विवेकपूर्ण व्यवहार से परिवार में मैत्री, करुणा, समता एवं अहिंसा का वातावरण निर्मित होता है। उन्होंने कहा कि विवेक केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और जीवनशैली को सही दिशा देने वाला तत्व है। साध्वी श्री जी ने दैनिक जीवन में भी विवेक अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि रसोई में स्वच्छता, अनाज एवं सामग्री की सार-संभाल से लेकर घर में उपलब्ध वस्तुओं के उचित उपयोग तक जागरूकता आवश्यक है। आवश्यकता से अधिक संग्रह करने के बजाय अपरिग्रह की भावना से अनावश्यक वस्तुओं को जरूरतमंदों तक पहुँचाना और उपलब्ध सामग्री की सार-संभाल करना भी विवेक का ही रूप है। विवेक परिवार में व्यवहार, साधु-संतों के प्रति विनय तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति के साथ मैत्रीपूर्ण आचरण करना सिखाता है। उन्होंने कहा कि विवेक आत्मकल्याण के मार्ग को प्रशस्त करता है। साध्वी श्रीजी ने सभी प्रतिभागियों की जागरूकता एवं तैयारी की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन मंगलपाठ से हुआ।

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