मुंबई:विराट कोहली ने अपना अंतरराष्ट्रीय करियर महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में शुरू किया था। कोहली ने धोनी से 2014 में टेस्ट टीम की कप्तानी की और फिर जनवरी 2017 में सीमित ओवरों की कप्तानी भी उन्हें की जिम्मे आई। कोहली ने कहा है कि धोनी का उन पर ध्यान देना और रणनीतिक चर्चा करना उनके कप्तान बनने में काफी सहायक रहा है। कोहली ने टेस्ट टीम के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन से इंस्टाग्राम पर बात करते हुए कहा कि कप्तान बनने के बारे में तो मैंने कभी सोचा भी नहीं था।
‘धोनी के भरोसे की वजह से बेहतर कप्तान बन पाया’
कोहली ने कहा कि वह मैच के दौरान हमेशा धोनी से रणनीतिक चर्चा करते रहते थे। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा धोनी से बात करता रहता था। वह काफी चीजों को मना करते थे लेकिन कई चीजों को मानते भी थे। मुझे लगता है कि वह मुझमें विश्वास करते थे और मेरे कप्तान बनने में काफी हद तक उनके साथ चीजों को लेकर चर्चा करने का हाथ है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि वो सिलेक्टर्स के पास जाएं और कहें कि इसे कप्तान बना दो। उनको खिलाड़ी को पहचानने और फिर उसे तैयार करने की जिम्मेदारी लेनी होती है। मुझे लगता कि इसमें उन्होंने और इन आठ-नौ सालों में जो भरोसा बना था उसने बड़ा रोल निभाया है।
‘विराट कोहली ने बताया, क्यों धोनी की भूमिका है अहम’
उन्होंने कहा कि जो कप्तान है, वह जिम्मेदारी लेता है और कहता है कि यह अगला कप्तान हो सकता है और मैं आपको बताऊंगा कि यह कैसे उस दिशा में बढ रहा है। इसके बाद धीरे धीरे जिम्मेदारी लेने की ओर बढ़ जाता है। कोहली ने कहा कि मुझे लगता है कि उनकी भूमिका बड़ी रही। छह सात साल में विश्वास बना। यह रातोंरात नहीं होता। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा उनके बगल में खड़ा होता था। वह कहते रहते थे कि ये कर सकते हो, वो कर सकते हो। तुम्हे क्या लगता है। कई चीजों पर बात होती थी। धीरे धीरे उन्हें लगा कि मैं उनके बाद कप्तानी कर सकता हूं।

