देहरादून:लद्दाख में चीनी सेना से खूनी झड़प के बाद पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिले की चीन से लगती सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार सीमा पर सेना ने चौकसी बढ़ाने के साथ ही गश्त भी बढ़ाई है। पिथौरागढ़ जिले की दो तहसीलें मुनस्यारी और धारचूला चीन सीमा से लगती हैं। मुनस्यारी तहसील में भारतीय सेना की आखिरी चौकी दुंग है। चौकी के बाद एक बड़ा हिस्सा नो मैंस लैंड है।
इसके बाद करीब 43 किमी दूर चीन से लगी सीमा शुरू होती है। सूत्रों के अनुसार, सीमा पर पूरी तरह शांति है लेकिन ऐहतियातन दुंग चौकी और आसपास सेना को अलर्ट मोड पर किया गया है। धारचूला से लगती सीमा पर भी झड़प के बाद तेजी से सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं। उत्तरकाशी की नेलांग घाटी में भी सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया और जवानों की चहलकदमी बढ़ गई है।
चमोली में भी चीन सीमा से लगते क्षेत्रों में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है। लद्दाख में भारत और चीन के बीच टकराव के बाद भारत-चीन सीमा पर बसे गांवों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि चीन ने भारत के जांबाजों को धोखे से मारा है। लेकिन चीन कभी अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हो सकता।
गौरतलब है कि सोमवार रात भारत और चीनी सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई। इसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए तो चीन के भी 40 से अधिक सैनिक हताहत हुए हैं। 1975 के बाद पहली बार इस तरह की हिंसक घटना को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत शांति चाहता है लेकिन उकसावे पर माकूल जवाब देने का सामर्थ्य रखता है।

