लुधियाना (पंजाब)। बाबा गज्जा जैन कम्युनिटी सेन्टर लुधियाना में आज मुनिश्री हिंमाशु कुमार जी ठाणा 4 के सानिध्य में आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी के शुभारंभ समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की शुरुवात महिलामण्डल के मंगलाचरण से हुई । तेयुप ने गीतिका की प्रस्तुति दी ।
इस अवसर मुनिश्री हिमांशु कुमार जी ने फरमाया की जन्म से कोई व्यक्ति महान नहीं होता है व्यक्ति अपने व्यक्तत्व एवं पुरषार्थ से महान बन जाता है । उन्होंने फरमाया की आचार्य महाप्रज्ञ का जन्म राजस्थान के झुंझुनूं जिले के टमकोर ग्राम में हुआ जहाँ विद्यालय आदि की भी सुविधा नहीं थी । फिर भी आचार्य महाप्रज्ञ एक दिन महान आचार्य, साधक , दार्शनिक एवं साहित्यकार के रूप में प्रतिष्ठित हुए जो उनके पुरषार्थ का परिणाम है । मुनिश्री ने फरमाया की तेरापंथ के अष्टम आचार्य श्री कालूगणी से दीक्षा प्राप्त कर मुनि तुलसी के सरंक्षण में विद्यार्जन किया और महानता के शिखर पर पहुंचे । जन्म सदी के अवसर पर समागत लोगों से महाप्रज्ञ के अवदानों की चर्चा करते हुए मुनिश्री ने कहा कि यह अवदान जन कल्याणकारी है और राष्ट्र उत्थान के लिए उपयोगी है । इस अवसर पर मुनि दिनकर जी अपने विचार व्यक्त किये।
इस समारोह में लुधियाना सेंट्रल हलका के विधायक श्री सुरेन्द्र जी डावर, कौंसलर यशपाल जी चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे । सभा द्वारा इन विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया । इस अवसर पर तेरापंथी सभा अध्यक्ष श्री रायचन्द जी चौरड़िया, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती मंजू देवी बैद, तेयुप मंत्री धीरज सेठिया ने अपने भाव व्यक्त किये । कार्यक्रम का कुशल संचालन मुनिश्री हेमंत कुमार जी ने किया ।
उलेखनीय है कि ज्ञानशाला लुधियाना द्वारा दिनांक 2- 3 जुलाई को मुनिश्री हिमांशु कुमार जी के सानिध्य में “I CAN I WILL” शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमे 8 से 15 वर्ष के बच्चे संभागी बन सकेंगे ।
तलहटी से शिखर की यात्रा का नाम है : महाप्रज्ञ

