सूरत {गुजरात} विकास धाकड़। सिटीलाइट तेरापंथ भवन के प्रांगण में प्रोफेसर साध्वी श्री मंगलप्रज्ञा जी के पावन सान्निध्य में विकास महोत्सव पर अपने उद्गार में साध्वीश्री जी ने कहा – आचार्यश्री तुलसी अपने सैद्धान्तिक निर्णयों के प्रति सदैव अडिग रहे हैं। उन्होंने अपने आचार्यत्व का विसर्जन कर आचार्य श्री महाप्रज्ञजी को उत्तराधिकार सौंपा। आचार्यश्री महाप्रज्ञजी ने गुरुदेव तुलसी की विकास की अपूर्व कथा को शाश्वत रखने के लिए विकास महोत्सव के रूप में एक लोकप्रिय स्मरणीय त्योहार प्रदान कर दिया। साध्वीश्री जी ने कहा – आचार्यश्री तुलसी पुरुषार्थ, पराक्रम के द्वारा सफलता के शिखर पर आरुढ़ हो गए,देश-विदेश के नाम समर्पित आयामों का परचम फहराया। अनेक प्रतिभाओं का निर्माण किया।महाप्रज्ञ जैसे प्रज्ञावान शिष्य तेरापंथ संघ को वरदान स्वरुप मिले।
प्रलामब यात्राएं, समृद्ध साहित्य भण्डार, विशाल जनसम्पर्क, ने तेरापंथ संघ को विकास के शिखर चढ़ा दिया। संख्या कम होने के बावजूद क्वालिटी बेजोड़ है। आचार्य तुससी विरलें महापुरुष हैं जिन्होंने अपनी जिन्दगी के हर दशक को बुलंद हौंसलौ के साथ जीया हर परिस्थिति के साथ समझोता किया, और विजय श्री का वरन किया। साध्वी श्री प्रो.मंगलप्रज्ञा जीने अपने अनेक अनुभवों को साझा करते हुए कहा- मेरा सोगाग्य रहा मुझे उस महान विभूति का निकट्य सानिध्य प्राप्त हुआ। साधना उपासना शिक्षा का अवसर मिला। उनकी वत्सलता मार्गदर्शन का मेरे विकास में महनीय योगदान है। योग है। उनकी शक्ति, ऊर्जा से सर्दव कदम गतिमान रहे। साध्वी श्री अतुल यशा जी ने वहा गुरुदेव श्री तुलसी-द्वारा प्रदत्त आयाम जन-जन के लिए प्रबल सम्बल है विकास का आधार है। तेरापंथ महिला मण्डल सूरत ने समवेत स्वर में मधुर संगान किया.!कार्यक्रम का संचालन सुदर्शन प्रभा जी ने किया।
सूरत {गुजरात} 32 वां विकास महोत्सव मनाया,विकास के पुरोधा थे-आचार्य श्री तुलसी~प्रोफेसर साध्वीश्री मंगलप्रज्ञा.!

