कोलंबो: भारत ने जिहादी आतंकवाद के साझा खतरे से निपटने में श्रीलंका को अपना पूरा समर्थन देने की पेशकश की है। बता दें कि ईस्टर संडे के दिन श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 11 भारतीयों समेत करीब 260 लोगों के मारे जाने के कुछ दिनों बाद भारत ने यह पेशकश की है।
यहां भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा कि श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त तरणजीत सिंह संधु ने कैंडी के डालडा मालीगावाज और सेक्रेड टूथ रेलिक मंदिर में दो शीर्ष बौद्ध भिक्षुओं से अपनी हालिया मुलाकात के दौरान मौजूदा सुरक्षा हालातों पर भी चर्चा की।
बयान में कहा गया है कि उच्चायुक्त ने महानायके थेरोस के साथ मौजूदा सुरक्षा स्थिति की चर्चा के दौरान जिहादी आतंकवाद के साझा खतरे से निपटने में श्रीलंका को भारत के पूर्ण समर्थन की पेशकश की। बयान में कहा गया कि महानायके थेरोस ने श्रीलंका के प्रति भारत के बिना शर्त और मजबूत समर्थन की तारीफ की है।
गृहयुद्ध में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया
उत्तरी श्रीलंका में हजारों तमिलों ने सरकार और एलटीटीई के बीच हुए गृहयुद्ध की 10वीं वर्षगांठ मनाई। इस दौरान दीपक जलाकर उन लोगों को याद किया गया, जिन्होंने तीन दशकों तक चले इस गृहयुद्ध में अपनी जान गंवा दी थी। युद्ध में अपनी मां को खोने वाले एक बच्चे ने दीपक जलाकर श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत की।
बताया जाता है कि इस संघर्ष में कम से कम 1,00,000 लोग मारे गए थे। वहीं सुरक्षाकर्मियों सहित हजारों लोगों के लापता होने की सूचना है। सेना के अनुसार इस गृहयुद्ध में उसके 27,000 सैनिक मारे गए।

