बोरीवली। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, बोरीवली के तत्वावधान में गुरु-दर्शन एवं चरित्रात्माओं की सेवा के पावन उद्देश्य से “चेतना यात्रा” का आयोजन अत्यंत उत्साह, उल्लास और गहन आध्यात्मिक उमंग के साथ संपन्न हुआ। यह यात्रा केवल एक भौतिक प्रवास न होकर आत्मा की चेतना को जाग्रत करने का माध्यम सिद्ध हुई।
यात्रा का प्रारंभ दिनांक 3 सितम्बर 2025 को बोरीवली सभा के कुल 60 श्रद्धालु श्रावक-श्राविकाएं धर्ममय उत्साह के साथ प्रेक्षा विश्व भारती, कोबा (अहमदाबाद) के लिए रवाना हुए। यात्रा से पूर्व मंगलाचरण, गुरु-वंदना और मंगल पाठ के साथ सभी श्रद्धालुओं ने गुरु-दर्शन का भावपूर्ण संकल्प लिया। सामूहिक भाव से यात्रा प्रारंभ होने पर सभी के हृदय में गुरु-सान्निध्य प्राप्त करने की अनूठी उमंग एवं उत्सुकता विद्यमान रही। यात्रा मार्ग में भी श्रावक-श्राविकाओं ने सामूहिक स्वाध्याय, भजन और चिंतन द्वारा वातावरण को आध्यात्मिक बनाए रखा।
गुरु-दर्शन एवं चरित्रात्माओं का सान्निध्य
4 सितम्बर 2025 इस यात्रा का सबसे पावन और ऐतिहासिक दिन रहा। परम आराध्य, परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के दिव्य सान्निध्य का अलभ्य सौभाग्य यात्रा दल को प्राप्त हुआ। उनके करुणामय दर्शन से श्रद्धालुओं के हृदय आनंद, शांति और प्रेरणा से भर उठे। श्रद्धेया साध्वीप्रमुखा श्री विश्रुतविभा जी, मुख्य मुनि श्री महावीर कुमार जी, साध्वीवर्या श्री संबुद्धयशा जी सहित अनेक चरित्रात्माओं के दर्शन, सेवा, पर्युपासना एवं आशीर्वचन से यात्रियों ने अनुपम आत्मिक लाभ अर्जित किया। गुरु वंदना, प्रवचन एवं चरित्रात्माओं की सेवा के क्षणों ने यात्रियों के जीवन में नई ऊर्जा, संयम और साधना की गहन प्रेरणा का संचार किया। आचार्य श्री के प्रवचन में अहिंसा, आत्म-शुद्धि एवं संयममय जीवन का संदेश पाकर सभी श्रद्धालु भावविभोर हुए।
यात्रा का समापन
5 सितम्बर 2025 को यह पावन यात्रा सम्पन्न होकर दल पुनः मुंबई लौटा। तीन दिवसीय इस यात्रा में सभी सदस्यों ने धर्म, साधना, गुरु-दर्शन और चरित्रात्माओं की सन्निधि का भरपूर आनंद प्राप्त किया। लौटते समय प्रत्येक सदस्य के हृदय में गुरु-कृपा, आत्मिक शांति, आंतरिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का अमूल्य खजाना विद्यमान था। यात्रा ने सभी को यह अनुभव कराया कि गुरु-दर्शन ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है, जो साधक को आत्म-विकास और आध्यात्मिक प्रगति की दिशा में अग्रसर करता है।
विशेष सहयोग एवं योगदान
इस यात्रा के सफल आयोजन में निम्न सदस्यों का विशेष सहयोग सराहनीय रहा – श्रीमती संगीता धनराज जी सिंघी – यात्रा संचालन एवं समन्वय में अग्रणी भूमिका, श्री महेंद्र जी भंसाली – व्यवस्थाओं एवं अनुशासन में महत्वपूर्ण योगदान, श्री उम्मेद जी कोठारी – यात्रा प्रबंधन व सहयोग में सक्रिय भागीदारी, श्री राजेन्द्र जी सेठिया – मार्गदर्शन एवं प्रेरणा प्रदान करने में प्रमुख भूमिका, श्री मानव जी सिंघी – सभी को संगठित कर यात्रा को सशक्त बनाने का प्रयास सुश्री तन्वी जी कोठारी – संपूर्ण कार्यक्रम में अत्यंत सक्रिय योगदान, साथ ही बोरीवली सभा के संरक्षकगण, परामर्शकगण एवं अनुदानदाताओं का निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग और प्रोत्साहन प्राप्त होता रहा। यही कारण है कि यह यात्रा पूर्ण रूप से अनुशासित, सुव्यवस्थित और सफल रही।
यात्रा का महत्व
“चेतना यात्रा” केवल एक स्थान-विशेष का प्रवास न होकर आत्मा की जागृति और साधना का अनुपम पर्व सिद्ध हुई। इस यात्रा से श्रद्धालुओं ने धर्म, संयम, सदाचार और गुरु-भक्ति का गहन अनुभव प्राप्त किया। गुरु-दर्शन एवं चरित्रात्माओं का सान्निध्य यात्रियों के जीवन में नई दिशा और चेतना का संचार कर गया। सभी सदस्य अपने जीवन में संयम, साधना, आत्म-नियंत्रण एवं गुरु-प्रेरित आदर्शों को और दृढ़ता से अपनाने का संकल्प लेकर लौटे। यह यात्रा बोरीवली सभा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव अविस्मरणीय रहेगी।
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, बोरिवली द्वारा गुरु-दर्शन हेतु “चेतना यात्रा” का भव्य एवं सफल आयोजन

