उरई(जालौन) – प्रतेक व्यक्ति की न्याय तक पहुँच हो तथा पीड़ितों को सम्मान पूर्ण न्याय दिलाने हेतु जिले में संचालित – दलित सम्मान व न्याय केंद्र(डी.डी.जे.सी.)लगातार समुदाय में लोगों को विधिक व क़ानूनी जानकारी एवं पीड़ितों को फ्री लीगल एड देते हुए डिस्ट्रिक्ट कोर्ट एवं हाईकोर्ट में पैरवी करते हुए – न्याय तक पहुँच अभियान चला रहा है जिसको आज 3 साल पूरे हो गए | दलित सम्मान व न्याय केंद्र के 3 साल पूरे होने पर केंद्र कार्यालय पुलिस लाइन बघौरा उरई में पूरी टीम के साथ समीक्षा बैठक की गयी जिमसे सेंटर के 3 साल के रिपोर्ट कार्ड को रखा गया की पिछले 3 सालों में केंद्र में कुल 341 केस रजिस्टर्ड हुए जिसमें 157 दलित अत्याचार (एस.सी./एस.टी.), 28 पॉक्सो, 156 महिला हिंसा, दहेज, जमीनी विवाद के केस आये है जिन पर केंद्र के दुवारा लगातार डिस्ट्रिक्ट कोर्ट एवं हाईकोर्ट स्तर पर लीगल पैरवी की जा रही है।
वही पिछले 3 सालों में जिले के 5 तहसील – उरई, कालपी, कोंच, जालौन व माधौगढ़ के 165 से अधिक ग्राम पंचायतों में 305 पैरालीगल वालंटियर्स/दलित मानवाधिकार रक्षक चुने एवं तैयार किये गए जिसमे 115 वालंटियर को लीगल एवं लीडरशिप ट्रेनिंग दी गयी व 86 गम्भीर केसों की फैक्टफाइंडिंग की गयी, वही जिले में 65 विभिन्न जागरूकता कैम्पों के मध्यम से लोगों को विधिक एवं क़ानूनी जानकारी दी गयी व सरकारी योजनाओं तक पहुँच जागरूकता कैम्प के माध्यम से 2649 दलित बंचित समुदाय के लोगों को बिभिन्न सरकारी योजनाओं तक पहुँच बनाते हुए उन्हें लाभान्वित करवाया गया |
केंद्र की प्रोग्राम एवं लीगल कोर्डिनेटर एड.निखत परवीन,ने अपने 3 साल में कोर्ट के अन्दर पीड़ितों के न्याय दिलाने के समय आने बाली चुनौतियों एवं अनुभव को रखा वही उरई तहसील से प्रदीप हरकोतीं, माधौगढ़ तहसील से सचिन चौधरी,कोंच तहसील से स्नेषराजा व धीरज, जालौन से उषा देवी, देबेन्द्र अनिल, कालपी से अनीता, सुरेंद्र ने गावँ के हालातों को रखा कि लोग सरकारी योजनाओं को पाने के लिए संघर्ष कर रहे व पीड़ित न्याय के लिए भटक रहे है, हम सबके प्रयास से जहां एक ओर दलित बंचित समुदाय को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला वही पीड़ितों को न्याय की आस जगी है। दलित सम्मान व न्याय केंद्र सभी पीड़ितों के उम्मीद व भरोसे का सेंटर बनता जा रहा है जहां पीडित निर्भीक होकर आते और अपनी बात रखते है।
दलित डिग्निटी एंड जस्टिस सेंटर(डी.डी.जे.सी.)/बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के संस्थापक/संयोजक – कुलदीप कुमार बौद्ध (एडवोकेट – हाईकोर्ट) ने कहा कि केंद्र पीड़ितों के लिये मददगार साबित हो रहा है, पिछले 3 साल में पूरी टीम ने कई परिणाम जनक कार्य किये है व आने बाले समय और अधिक मेहनत से कार्य करना है ताकि जिले के प्रत्येक पीड़ित को सम्मान पूर्ण न्याय मिल सके। ‘न्याय तक पहुँच अभियान’ को गावँ गावँ ले जाने की जरूरत है, समुदाय एवं लोगों को विधिक एवं कानूनी जानकारी देना है। ताकि लोगों की कानून के प्रति संमझ बन सके, केंद्र एक और जहाँ पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पैरवी कर रहा है वही एस.सी./एस.टी.एक्ट, पॉक्सो एक्ट, महिला हिंसा के कानून के अम्लीकरण पर रिसर्च/अध्यन कर रहा आज बड़ी संख्या में केंद्र के साथ युवा अधिवक्ता जुड़ रहे वही न्याय तक पहुँच अभियान के साथ भी लोग जुड़ रहे है। आज सेंटर दुवारा संचालित – ‘न्याय तक पहुँच अभियान’ को 3 साल पुरे हुए इसके लिए सभी को बधाई..! दलित डिग्निटी एंड जस्टिस सेंटर आप सभी से अपील करता है कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान पूर्ण न्याय दिलाने के लिए न्याय तक पहुँच अभियान से जरूर जुड़ें – www.ddjc.org.in
न्याय की उम्मीद बना – दलित सम्मान व न्याय केंद्र(DDJC)
Highlights
- डी.डी.जे.सी.के 3 साल पूरे - न्याय तक पहुँच अभियान जारी..
- प्रतेक पीड़ित को न्याय व सम्मान दिलाना केंद्र का मुख्य उद्देश्य - एड. कुलदीप बौद्ध
- अब तक 52 केस के 69 पीड़ितों को दिलाया गया रु. 84.87 लाख रूपये की मुआवजा/राहत राशी का लाभ
- वर्तमान में 91 दलित अत्याचार (एस.सी./एस.टी.), 17पॉक्सो, 55महिला व दहेज़हिंसा के केसों में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट व हाईकोर्ट में केंद्र दुवारा की जा रही पैरवी
- आगे जिले में 100 से अधिक – जन पंचायत(जन सुनवाई) का होगा आयोजन, समुदाय के लोगों को दी जाएगी विधिक एवं क़ानूनी जानकारी, पीड़ितों को फ्री लीगल एड व सरकारी योजनाओं तक पहुच के लिए प्रयास
- एस.सी./एस.टी,पोक्सो के बाद इस साल दहेज़ उत्पीडन व महिला हिंसा के 500+ अधिक केस पीड़ितों के साथ की जा रही रिसर्च/अध्यन

