नई दिल्ली:दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली हिंसा के मोस्ट वांटेड शाहरुख खान को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी है। अब तक की जानकारी में यह बात सामने आई कि शाहरुख ने 7.65 बोर की जो पिस्टल पुलिसकर्मी पर तानी थी, वह करीब दो साल पहले उसने मुंगेर निवासी अपने जानकार से खरीदी थी। यह जानकार उसकी जुराब बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था। शाहरुख टिकटॉक पर वीडियो भी बनाता था। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस अजित कुमार सिंगला ने मीडिया को बताया कि हम शाहरुख के द्वारा फायरिंग में इस्तेमाल पिस्टल जब्त करने की कोशिश कर रहे हैं। सिंगला ने बताया कि पूछताछ के दौरान शाहरुख ने बताया कि उसने गुस्से में फायरिंग की थी।
वह वारदात के बाद से दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी यूपी के विभिन्न इलाकों में अपने जानकारों की मदद से छिपा था। पुलिस ने उसे तब दबोचा, जब वह उत्तर प्रदेश के शामली में बस स्टैंड पर कहीं और जाने के लिए पहुंचा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसे ठिकाना मुहैया कराने वाले साथियों और उसके हथियार की तलाश में छापेमारी कर रही है।
सिंगला ने कहा कि शाहरुख ने पूछताछ में बताया कि जब प्रदर्शन चल रहे थे और पत्थरबाजी हो रही थी तो वह गुस्से में आ गया और उसने गोली चला दी। उसने कई राउंड गोली चलाई। उसे जब यह पता चला कि उसका वीडियो और फोटो वायरल हो गए हैं तो कपड़ा बदला और फरार हो गया। अपराध शाखा के मुताबिक वह दिल्ली से पंजाब गया, वहां से बरेली और वहां से फिर शामली पहुंचा था, जहां उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
शाहरुख (33) ने ही दंगों के दौरान दिल्ली पुलिस के हवलदार दीपक दहिया के सीने पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर में 24 फरवरी को हिंसा के दौरान पिस्टल तान दी थी। उसने पुलिस की मौजूदगी में आठ गोलियां चलाई थीं। इसका वीडियो वायरल हो गया था, जबकि दीपक दहिया के हाथ में सिर्फ एक लाठी थी। शाहरुख खान खुलेआम हवा में पिस्टल लहराता हुआ गोलियां चला रहा था और अचानक जैसे ही दिल्ली पुलिस के हवलदार दीपक दहिया सामने आए तो बेखौफ शाहरुख खान ने उनके ऊपर भी पिस्तौल तान दी। हवलदार दीपक दहिया ने मंगलवार को बताया, ‘‘शाहरुख गुस्से में था। उसके हाथ में कारतूस से भरी पिस्टल थी। उसके पास मुझसे कई गुना ताकत थी, जबकि मेरे पास सिर्फ लाठी थी। मुझे डर अपनी मौत का नहीं था। मैं डर रहा था कि हथियारबंद शाहरुख कहीं किसी आम आदमी को गोली न मार दे।”
क्राइम ब्रांच के मुताबिक पुलिस की एक टीम अब उसके द्वारा बताए गए ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसने जिस जगह पर पिस्टल छिपा कर रखी है, उसे बरामद करने में जुट गई है। पुलिस उसकी वह कार भी बरामद करने के लिए गई है, जिस पर वह सवार होकर दिल्ली से भागा था। पुलिस उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में था और उसे किन-किन लोगों ने मदद पहुंचाई।
दूसरी तरफ, इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोपी आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद ताहिर हुसैन अब भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने शनिवार को भी दिल्ली से लेकर ताहिर के पैतृक गांव अमरोहा तक छापेमारी की मगर उसका कहीं कुछ पता नहीं चला।
पुलिस ने ताहिर हुसैन के रिश्तेदारों और उसके करीबियों की लिस्ट तैयार की है। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है। अंकित शर्मा के परिजनों ने ताहिर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, लिहाजा उसकी तलाश की जा रही है।
हिंसा में 47 की हो चुकी है मौत
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफाराबाद, गोकलपुरी, मौजपुर, भजनपुरा, करावल नगर आदि इलाकों में रविवार को नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और विरोध करने वालों के बीच में हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद यह हिंसा तीन दिन तक जारी रही। हिंसा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली हिंसा में पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल के अलावा, इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी अफसर अंकित शर्मा की भी हत्या हुई है।

