मुंबई: रिलायंस कैपिटल कर्ज देने के कारोबार से बाहर निकलेगी। रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) के चेयरमैन अनिल अंबानी ने रिलायंस कैपिटल की एजीएम में सोमवार को ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के संकट, ऑडिटर और रेटिंग एजेंसियों की तर्कहीन कार्रवाईयों और मौजूदा मंदी की वजह से जो नुकसान हुआ उसकी वजह से फैसला लेना पड़ा। उम्मीद है कि दिसंबर तक कर्ज देने के कारोबार से निकल जाएंगे। अंबानी की इस घोषणा से एडीएजी की कंपनियों के शेयर 14% तक लुढ़क गए।
रिलायंस होम फाइनेंस में 5% गिरावट
रिलायंस कैपिटल का शेयर एनएसई पर 12.5% गिरकर बंद हुआ। रिलायंस होम फाइनेंस 5% नुकसान में रहा। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर 14% लुढ़क गया। रिलायंस पावर 8% और रिलायंस निप्पन एसेट मैनेजमेंट 1.4% टूट गया।
रिलायंस कैपिटल का कायाकल्प कर रहे: अनिल अंबानी
अनिल अंबानी ने कहा कि एडीएजी ग्रुप ने पिछले 15 महीने में 35,000 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाया। किसी बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी या वित्तीय संस्थान से कर्ज लिए बिना मार्च 2020 तक 15,000 करोड़ और चुकाए जाएंगे। समूह की 60,000 करोड़ रुपए लेनदारी रेग्युलेटरी और आर्बिट्रेशन की कार्रवाईयों में पिछले 5-10 से साल अटकी हुई है। हम रिलायंस कैपिटल का कायाकल्प कर रहे हैं।
रिलायंस कैपिटल के 18 हजार कर्मचारी
रिलायंस कैपिटल देश की प्रमुख फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों में शामिल है। इसके दो क्रेडिट वर्टिकल- रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस होम फाइनेंस हैं। कंपनी के 18 हजार कर्मचारी हैं। रिलायंस कैपिटल कर्ज देने के अलावा जनरल इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, असेट रिकंस्ट्रक्शन, सिक्योरिटी ब्रोकिंग और कमोडिटी एक्सचेंज के बिजनेस में भी है।
अनिल अंबानी 2 साल में दूसरे बिजनेस से बाहर होंगे
टेलीकॉम बिजनेस से 2 साल पहले बाहर होने के बाद एडीएजी ग्रुप ने दूसरे बड़े कारोबार से निकलने का फैसला किया है। ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी आरकॉम फिलहाल दिवालिया प्रक्रिया में है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक एक और कंपनी रिलायंस नेवल भी वित्तीय संकट में है।
रिलायंस कैपिटल कर्ज देने के कारोबार से निकलेगी

