जयपुर:राजस्थान से सत्तारूढ़ भाजपा को बेदखल करने के लिए एकजुट होकर लड़ने का आह्वान करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सचिन पायलट ने कहा है कि पार्टी के विधायक मुख्यमंत्री पद पर फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का नेतृत्व कौन करेगा, इससे ज्यादा जोरदार जनादेश लाना अधिक महत्वपूर्ण है।
पायलट ने कहा कि उन्हें और पार्टी के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को कांग्रेस से पूर्व में बहुत कुछ मिला है और यह पार्टी को फैसला करना है कि उन्हें कौन सी भूमिका निभानी चाहिए। पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पायलट और गहलोत दोनों के बारे में लगातार बातें चल रही है। दोनों नेताओं ने इस संबंध में लग रही अटकलों को भी खारिज किया है।
पायलट ने पीटीआई को एक साक्षात्कार में कहा कि पिछले 70 साल में पार्टी द्वारा राज्य में मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित नहीं करने की नीति रही है और प्राथमिकता यह है कि कांग्रेस उम्मीदवार भाजपा के ”धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल को नाकाम करते हुए चुनाव में जीत सुनिश्चित करे।
यह पूछे जाने पर कि चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद पर फैसले से गहलोत या वह नाराज हो सकते हैं, इस पर उन्होंने कहा, ”मुझे ऐसा नहीं लगता। हम दोनों को पार्टी से बहुत कुछ मिल चुका है ।
पायलट ने कहा, ”वह (गहलोत) दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पार्टी में महत्वपूर्ण पद पर हैं। मैं पार्टी का (प्रदेश) अध्यक्ष हूं और मैं मंत्री रह चुका हूं। पार्टी से हम दोनों को बहुत कुछ मिला है और अब यह पार्टी को फैसला करना है कि (हमारे लिए) वह क्या भूमिका चुनते हैं।
उन्होंने कहा कि आखिरकार कांग्रेस पार्टी के विधायक ही फैसला करेंगे कि कौन सरकार का नेतृत्व करेगा। पायलट ने कहा, ”अभी जो सबसे महत्वपूर्ण है कि हमें स्पष्ट, जोरदार जनादेश मिले। उन्होंने कहा कि सरकार का नेतृत्व कौन करेगा इसकी बजाए सरकार बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
राजस्थान में जोरदार जनादेश लाना महत्वपूर्ण :सचिन पायलट

