मुंबई। आर्थिक नगरी मुंबई में बसे राजस्थान मूल के प्रवासी समाज को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से कार्यरत राजस्थान छत्तीस कोम कमिटी, कोलाबा की कार्यकारिणी घोषणा उत्साह और सामाजिक एकता के माहौल में की गई। सर्वसम्मति से समाजसेवी मोहनलाल माली (रामपुरिया) को संगठन का अध्यक्ष चुना गया। उनके अध्यक्ष बनने पर उपस्थित समाजबंधुओं ने तालियों और स्वागत के साथ उन्हें बधाई दी।
पिछले चार वर्षों से निरंतर विभिन्न जाति-समाज के लोगों को जोड़ने, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण मोहनलाल माली को निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना पूरे समाज के विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है। समिति के सदस्यों ने कहा कि गांवों में भले ही अलग-अलग जाति समाज के बीच दूरियां देखने को मिलती हों, लेकिन मुंबई जैसे महानगर में जीवनयापन करने वाला प्रवासी समाज अब उन दीवारों को तोड़कर एकता की मिसाल कायम करना चाहता है। छत्तीस कोम केवल संस्था का नाम नहीं, बल्कि सभी जाति-समाज के लोगों को साथ लेकर चलने की सोच और सामाजिक समरसता का आंदोलन है।
समिति का दावा है कि आने वाले समय में यह संगठन ऐसा मंच बनेगा जहां हर समाज के लोग साथ बैठेंगे, विचार साझा करेंगे और एक ही पंगत में भोजन कर सामाजिक समता का संदेश देंगे। छुआछूत, भेदभाव और सामाजिक दूरियों को मिटाने की दिशा में यह संस्था अग्रणी भूमिका निभाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है।
नई कार्यकारिणी इस प्रकार घोषित की गई
अध्यक्ष -मोहनलाल माली (रामपुरिया), उपाध्यक्ष- गणेशाराम माली (झाड़ोली), घीसूसिंह गोयल (डैंडा), चम्पालाल सैन (गुड़ा नारकान), जब्बरसिंह चौहान (पादरली), कोषाध्यक्ष-ओटाराम मेवाडा (धनपुरा), उपकोषाध्यक्ष-भवरसिंह परमार (पादरली), बद्रीराम जाट (फलीचडा खेड़ी), सचिव- नारायणसिंह भायल (पावा), दिनेश चौधरी (अनोपपुरा), चैनाराम प्रजापति (बिलाड़ा), महामंत्री-निर्मलसिंह राठौड़ (चौटीला), विजयराज चौधरी (जेतपुर), मोहनलाल सोलंकी (सामूजा), गोंगाराम चौधरी, भारदरास), सलाहकार मंडल-रामलाल माली (रायपुरिया), छोगाराम माली (झाड़ोली वीर), तेजाराम जाट (पोटलिया), मकनाराम मेवाडा (धनापूरा), अमरसिंह देवड़ा (वागुंदा) आदि।
कार्यक्रम के अंत में संगठन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नौ संगठन मंत्रियों की भी घोषणा की गई। उन्हें देवासी, घांची, वैष्णव, मेघवाल, भील, गरासिया, सरगरा सहित विभिन्न समाजों के लोगों को जोड़ने और संगठन का विस्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहनलाल माली ने अपने संबोधन में कहा कि यह पद सम्मान नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी समाजों के लोगों को साथ लेकर चलने, युवाओं को जोड़ने और मुंबई में बसे राजस्थानियों के बीच भाईचारा मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित समाजबंधुओं ने विश्वास जताया कि राजस्थान छत्तीस कोम कमिटी आने वाले समय में सामाजिक समरसता, कौमी एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाली प्रेरक संस्था बनकर उभरेगी।
राजस्थान छत्तीस कोम कमिटी कोलाबा, मुंबई की नई कार्यकारिणी का गठन
Highlights
- पहली बार अध्यक्ष बने मोहनलाल माली, सर्व समाज को एक मंच पर लाने का संकल्प

