सुरभि सलोनी डेस्क, पटना। टीवी डिबेट्स में अपनी तेज तर्रार उपस्थिति एवं मजबूतों तर्कों के लिए जानी जाने वाली राष्ट्रीय जनता दल की तीन महिला प्रवक्ता कंचना यादव, सारिका पासवान एवं प्रियंका भारती को बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एवं परिणाम के समय सत्तापक्ष के लोगों द्वारा ट्रोल किया जाने लगा तथा विभिन्न प्रकार से उनपर हमले किए जाने लगे इस पर कंचना यादव अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखते हुए उन ट्रोलस को मुंह तोड़ जवाब देते हुए लिखा है कि महिलाएँ राजनीति में आएँ, चल रहे नैरेटिव को चुनौती दें और अपने नेता व पार्टी के लिए मज़बूती से खड़ी हों, यह बात संघियों को कितनी चुभ रही है, यह उनकी भाषा से साफ़ दिख रहा है। कंचना ने लिखा कि शायद इन लोगों को यह नहीं मालूम कि फिल्म तो अभी शुरू हुई है। अब तो उन्हें हमें और हम जैसी तमाम महिलाओं को सुनना ही पड़ेगा, चाहे कान से ख़ून ही क्यों न निकल आए।
कंचना ने अपने फेसबुक पोस्ट पर सारिका पासवान व प्रियंका भारती को टैग एवं संबोधित करते हुए लिखा – ” प्रिय प्रियंका और सारिका दीदी, कल से सोशल मीडिया पर बीजेपी के ट्रोलर्स और नेताओं द्वारा आप दोनों का, और हम सभी का जो चरित्र हनन, गालियाँ और ट्रोलिंग की जा रही है, उसे पूरा देश, विशेषकर देश की महिलाएँ देख रही हैं। महिलाएँ राजनीति में आएँ, चल रहे नैरेटिव को चुनौती दें और अपने नेता व पार्टी के लिए मज़बूती से खड़ी हों, यह बात संघियों को कितनी चुभ रही है, यह उनकी भाषा से साफ़ दिख रहा है। शायद इन लोगों को यह नहीं मालूम कि फिल्म तो अभी शुरू हुई है। अब तो उन्हें हमें और हम जैसी तमाम महिलाओं को सुनना ही पड़ेगा, चाहे कान से ख़ून ही क्यों न निकल आए। क्योंकि अभी इन्हें यह भी समझना बाकी है कि महिलाओं की राजनीति 10,000 रुपये तक सीमित नहीं है। 10,000 रुपये से भले कोई महिला एक बकरी खरीद ले, पर उसके बच्चों का क्या? उनके बच्चों को अच्छी स्कूलिंग चाहिए, सरकारी नौकरी के अवसर चाहिए, कारखानों और रोजगार की ज़रूरत होगी।
कंचना ने आगे लिखा कि श्री तेजस्वी यादव जी ने विधानसभा में कहा था “सब समय आएगा, तब तेजस्वी आएगा।” हमें अपने नेता श्री तेजस्वी यादव जी पर नाज है, और यह नाज हमेशा रहेगा। इसे कोई छीन नहीं सकता। हम ही नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक पार्टियों में आगे बढ़ने वाली महिलाओं को भी ऐसी घृणित, मनुवादी, पितृसत्तात्मक मानसिकता वाले पुरुषों का सामना करने की क्षमता मिले, ताकि महिलाओं की वोट की कीमत 10,000 रुपये तय न की जाए, बल्कि वे अपना अधिकार डटकर माँग सकें। माननीय सुप्रीम कोर्ट का विशेष धन्यवाद, जिसने महिला मतदाताओं की कीमत कुछ रुपये में तय करने को हरी झंडी दिखाई। इलेक्शन कमिशन जिम्मेदार है, तो कोर्ट भी उतना ही इस लोकतंत्र के लिए। लोकतंत्र जिंदाबाद।
उल्लेखनीय है कि हर टीवी डिबेट्स में पूरे फैक्ट्स के साथ सत्तापक्ष के प्रवक्ताओं को जवाब देने वाली यह तीनों ही प्रवक्ता अच्छी खासी पढ़ी लिखी हैं तथा वे पूरी तैयारी के साथ आती हैं। हर डिबेट्स में सत्ता पक्ष के प्रवक्ता व न्यूज एंकर्स के हर सवाल का जवाब बहुत ही बेबाकी से देती रही हैं। इसी को देखते हुए सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ उन्हें हतोत्साहित करने के लिए सत्तापक्ष के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा एक नेरेटिव गढते हुए ट्रोल किया जाने लगा तो इसका भी जवाब कंचना यादव ने बड़ी ही बेबाकी से देते हुए कहा कि अब तो उन्हें हमें और हम जैसी तमाम महिलाओं को सुनना ही पड़ेगा, चाहे कान से ख़ून ही क्यों न निकल आए।
प्रिय प्रियंका और सारिका दीदी,
कल से सोशल मीडिया पर बीजेपी के ट्रोलर्स और नेताओं द्वारा आप दोनों का, और हम सभी का जो चरित्र हनन, गालियाँ और ट्रोलिंग की जा रही है, उसे पूरा देश, विशेषकर देश की महिलाएँ देख रही हैं। महिलाएँ राजनीति में आएँ, चल रहे नैरेटिव को चुनौती दें और अपने नेता… pic.twitter.com/uZMNPjlAoh
— Kanchana Yadav (@Kanchanyadav000) November 15, 2025
प्रियंका भारती ने भी एक वीडियो अपलोड कर उन ट्रोलर्स को जवाब दिया है, और कहा कि जब आप मुझे भीमटी बोलते हैं तो हम खुद को मजबूत महसूस करते हैं।
जब कोई “भीमटी” कहता है तो “भीम” का नाम गूंजता है , जब कोई “नीलचट्टी” कहता है तो नीला रंग याद आता है जो समता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है।
ये शब्द हमें मज़बूत करते हैं। हम महिलाओं से ना कोई हमारी आवाज़ छीन सकता है, ना समाज और ना ही समाज का समर्थन।
चाहे मैं हूँ, “कंचना यादव” हों… pic.twitter.com/SP8fzRxj2w
— Priyanka Bharti (@priyanka2bharti) November 15, 2025

