नई दिल्ली:आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस दिल्ली में अकेले ही चुनावी मुकाबला लड़ेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज सोमवार को कहा कि पार्टी दिल्ली में अकेले ही चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस का कोई तालमेल नहीं है। राहुल के इस बयान के बाद कांग्रेस की आम आदमी पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव के लिए गठजोड़ की उम्मीद खत्म हो गई है। कांग्रेस प्रमुख ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से राजधानी की सभी सात सीटें जीतने का आग्रह किया।
राहुल ने कहा, “कांग्रेस को दिल्ली की सभी 7 सीटें जीतनी हैं। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा।”
दिल्ली में 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने सभी सात सीटों पर अपना कब्जा जमाया था।
इससे पहले सोमवार को आप नेता गोपाल राय ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में गठबंधन के लिए कांग्रेस के साथ बातचीत नहीं कर रही है। आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सभी सात सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। राय ने कहा था कि आम आदमी पार्टी (आप) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल संसदीय चुनावों की रणनीति पर चर्चा करने के लिए पार्टी के सभी राज्य इकाई प्रमुखों और विधायकों के साथ आने वाले दिनों में बैठक करेंगे।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली इकाई के संयोजक ने कहा, “पार्टी दिल्ली में गठबंधन के लिए कांग्रेस के साथ बातचीत नहीं कर रही है और वह अपने दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।” “केजरीवाल आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा करने के लिए अपने निवास पर आज शाम एक बैठक करेंगे।”
बीते सप्ताह दिल्ली कांग्रेस प्रमुख शीला दीक्षित ने भी कहा था कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन नहीं होगा। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी।
दिल्ली में 12 मई को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होने हैं।

