By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: ‘राफेल सौदे को लेकर आमने-सामने आ गए थे पीएमओ और रक्षा मंत्रालय’
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

‘राफेल सौदे को लेकर आमने-सामने आ गए थे पीएमओ और रक्षा मंत्रालय’

Last updated: February 8, 2019 11:36 am
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
SHARE

राहुल ने कहा- प्रधानमंत्री ने 30 हजार करोड़ अनिल अंबानी को दिए
नई दिल्ली। राफेल सौदे को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस सरकार के साथ राफेल सौदे को लेकर रक्षा मंत्रालय की तरफ से किए जा रहे सौदे के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के दखल का फायदा फ्रांस को मिला था। पीएमओ के इस दखल का रक्षा मंत्रालय ने विरोध किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि इसमें सीधे तौर से पीएम मोदी ने हस्तक्षेप किया था।
राहुल ने कहा, ‘हम एक साल से ज्यादा समय से कह रहे हैं कि राफेल डील में पीएम मोदी सीधे शामिल रहे हैं। पीएम फ्रांस के साथ समानांतर वार्ता कर रहे थे। यह आपके भविष्य के लिए है। हम मांग करते रहे हैं कि इसकी जेपीसी, पीएसी जांच होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने आपके 30 हजार करोड़ रुपये चुरा लिए। राफेल सौदे को लेकर हमारी बात सच साबित हुई है। प्रधानमंत्री ने वायुसना का 30 हजार करोड़ रुपये चुराकर अनिल अंबानी को दिया। प्रधानमंत्री खुद राफेल सौदा कर रहा था। ओलांद ने कहा था कि भारत के पीएम ने मुझसे कहा था कि अनिल अंबानी को यह सौदा दिया जाए। इससे साबित होता है कि चौकीदार चोर है। राफेल डील में पीएम दोषी हैं। दस्तावेजों में साफ-साफ लिखा है कि प्रधानमंत्री चोर है। पीएमओ के हस्तक्षेप पर रक्षा मंत्रालय को आपत्ति थी। पीएमओ ने सौदेबाजी के नियमों का उल्लंघन किया।’
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार 7.87 बिलियन डॉलर के विवादित राफेल सौदे पर दोनों देशों के तरफ से शीर्ष स्तर पर हो रही बातचीत में पीएमओ के समानांतर दखल का रक्षा मंत्रालय ने काफी विरोध किया था। पीएमओ के दखल की वजह से रक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की टीमें सौदे को लेकर कमजोर पड़ गई थीं। यह मामला 24 नवंबर, 2015 को तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के संज्ञान में लाया गया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article ‘टेस्ट क्रिकेट मर रहा है, बचाने के लिए लाई गई है ये चैंपियनशिप’
Next Article फर्जी जाति प्रमाण पत्र के चलते पद से हटाए गए नगरसेवकों पर FIR तक नहीं हुई, आरोपियों में मुंबई का महापौर भी शामिल

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

इमोशन्स का तड़का, कॉमेडी का धमाका-सादिया खातिब का नया अवतार ‘दादी की शादी’ में
entertainment
April 21, 2026
‘आखरी सवाल’ रचेगी इतिहास, इंडियन साइन लैंग्वेज के साथ 8 मई को रिलीज होने वाली होगी पहली फिल्म!
entertainment
April 21, 2026
असित कुमार मोदी ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा में रतन की साड़ी शॉप के पारंपरिक कपड़ों को दिखाया
entertainment
April 21, 2026
महिला आरक्षण पर खुली बहस के लिए कांग्रेस तैयार, मुख्यमंत्री बताएं कब और कहां चर्चा करनी है: सांसद प्रणिती शिंदे
Mumbai / Maharshtra
April 21, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?