By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: राफेल केस की जांच हो या नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

राफेल केस की जांच हो या नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

Last updated: November 14, 2018 3:55 pm
Surabhi Saloni
Share
6 Min Read
SHARE

नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीद की अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण का विरोध किया जो राफेल सौदे की गोपनीयता के बारे में सूचना पेश करना चाहते थे। भूषण ने जब गोपनीयता के प्रावधान का मुद्दा उठाया तो वेणुगोपाल ने कहा, ”गोपनीय समझौता गोपनीय ही रखना होगा और अब वह न्यायालय में इसे पेश कर रहे हैं। भूषण, जो अपनी और भाजपा के दो नेताओं पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी की ओर से पेश हुये, ने आरोप लगाया कि सरकार गोपनीयता के प्रावधान की आड़ लेकर राफेल विमानों की कीमतों का खुलासा नहीं कर रही है।
राफेल की SC में सुनवाई की खास बातें
– सरकार ने कहा, राफेल 60 किलोमीटर की दूरी से सटीक मार करने में सक्षम है
– सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, फ्रांस सरकार की ओर से हमारे पास लेटर ऑफ कंफर्ट है, सार्वभौम गारंटी नहीं है
– एयरफोर्स के अधिकारी ने कहा, हमें पांचवीं पीढ़ी के एयरक्राफ्ट चाहिए।
– लंचब्रेक के बाद शुरू हुई कार्यवाही, एयरफोर्स के अधिकारी ने सु्प्रीम कोर्ट को बताया, 1985 में मिराज के बाद से वायु सेना ने कोई एयरक्राफ़्ट बेड़े में नहीं जोड़ा गया।
– राफेल मामले पर लंच ब्रेक के बाद दो बजे फिर से सुनवाई शुरू होगी।
– सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह मामला एक्सपर्ट का है कोर्ट को इसे डील नहीं करना चाहिए
– सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, कीमत का खुलासा करने से दुश्मन को विमान की खासियत पता लग सकती है, इसलिए कीमत का खुलासा नहीं किया गया।
– कोर्ट ने कहा, वायुसेना का अधिकारी कोर्ट में होना चाहिए और हम उनकी रिक्वायरमेंट के बारे में विचार कर रहे हैं। रक्षा सचिव मौजूद होने पर कोर्ट ने कहा कि हमें मंत्रालय का अधिकारी नहीं चाहिए, अधिकारी को बुलाया गया है।
– शौरी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हमें इस मामले में विमानों कि कीमत से आगे जाना चाहिए क्योंकि यह देश की सुरक्षा के साथ समझौता है क्योंकि एयरक्राफ्ट की संख्या घटा दी गई है।
– अरुण शौरी ने सु्प्रीम कोर्ट में कहा, पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को राफेल डील के बारे में पता नहीं था। उन्होंने कहा था कि यह पीएम मोदी का फैसला है मैं इसका समर्थन करता हूं, किसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया
– राफेल मामले पर सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने वकील भूषण से कहा : हम आपको पूरी सुनवाई का मौका दे रहे हैं। इसका सावधानीपूर्वक इस्तेमाल कीजिये, केवल जरूरी चीजें ही कहिए ।
– भूषण के बाद अब अरुण शौरी सुप्रीम कोर्ट में रखी दलील, कहा- डसॉल्ट कम्पनी आर्थिक रूप से कमजोर है
– भूषण ने कहा, रिलायंस को भारत सरकार के इशारे पर अ़फसेट पार्टनर चुना गया, ये बात फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति हॉलैंड ने भी कहा है
– भूषण ने कहा कहा कि प्राइस के खुलासे पर गोपनीयता से समझौता नहीं होता, सरकार ये प्राइस दो बार संसद में बता चुकी है
– प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार ने ऑफसेट प्रावधान को 5 अगस्त 2015 को बदल दिया और डसॉल्ट को अफसेट पार्टनर चुनने का अधिकार दे दिया और बाद में यह कहने लगी कि हमें नहीं पता कि ऑफसेट पार्टनर कैसे चयनित हुआ, पुराने प्रावधान में यह पार्टनर सरकार की मर्जी से चुना जाता था।
– प्रशांत भूषण ने कहा, कानून मंत्रालय ने सप्लाई की गारंटी न होने पर आपत्ति की थी। सरकार ने टेंडर निकालने के बजाय अंतर सरकार अग्रीमेंट (IGA) क्यों किया।
– याचिकाकर्ता आप नेता संजय सिंह के वकील ने कहा, सरकार ने पुरानी डील रद्द क्यों की
– पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण शौरी की तरफ से कोर्ट में पेश हुए प्रशांत भूषण ने कहा, राफेल डील के फाइनल होने के सात दिन बाद अंबानी को ऑफसेट पार्टनर के रूप में ले लिया गया और हाल को बाहर कर मेक इन इंडिया को धता बता दी गई, ये किस आधार पर किया गया।
– याचिकाकर्ता शर्मा ने कहा कि अटॉनी जनरल को उनकी याचिका का पूरा जवाब देना चाहिए जबकि उन्होंने पूरे दस्तावेज मुहैया नहीं कराए हैं
– याचिकाकर्ता एमएल शर्मा ने कहा, मुझे दिए गए दस्तावेज के मुताबिक मई 2015 में बातचीत शुरू हुई थी, जबकि पीएम ने अप्रैल में घोषित कर दिया था कि सौदा हो गया है।
– याचिकाकर्ताओं एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सरकार ने फ्रांस से 36 विमानों की खरीद में ‘सीरियस फ्रॉड’ किया है।
– इस मामले में आप नेता संजय सिंह की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट को कहा कि 36 राफेल विमान सौदे की कीमत दो बार सामने आई जबकि सरकार ने दलील दी है कि कीमत को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article फ़िल्म सेंसर बोर्ड ने ‘होटल मिलन’ से यूपी के सीएम योगी को निकलवाया
Next Article Hong Kong Open 2018: सिंधु और समीर को मिली जीत

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

इमोशन्स का तड़का, कॉमेडी का धमाका-सादिया खातिब का नया अवतार ‘दादी की शादी’ में
entertainment
April 21, 2026
‘आखरी सवाल’ रचेगी इतिहास, इंडियन साइन लैंग्वेज के साथ 8 मई को रिलीज होने वाली होगी पहली फिल्म!
entertainment
April 21, 2026
असित कुमार मोदी ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा में रतन की साड़ी शॉप के पारंपरिक कपड़ों को दिखाया
entertainment
April 21, 2026
महिला आरक्षण पर खुली बहस के लिए कांग्रेस तैयार, मुख्यमंत्री बताएं कब और कहां चर्चा करनी है: सांसद प्रणिती शिंदे
Mumbai / Maharshtra
April 21, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?