लखनऊ (उ.प्र.)। उत्तर प्रदेश पुस्तकालय संघ (उपला) की केंद्रीय समिति चुनाव 2025 के परिणाम घोषित हो गए हैं। चुनाव में इस बार पुस्तकालय पेशेवरों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की, जिसके चलते संगठन के भविष्य को लेकर नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। प्रो. एम.पी. सिंह ने भारी मतों से जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद पर विजय प्राप्त की। वहीं, विनोद कुमार मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महामंत्री पद पर विजय हासिल की।
इन परिणामों ने संगठन के नेतृत्व को नई दिशा देने का मार्ग प्रशस्त किया।रविवार को लखनऊ में आयोजित आम सभा बैठक में शेष पदों के परिणाम घोषित किए गए। इसमें उपाध्यक्ष पदों पर डॉ. एस.बी. कुलश्रेष्ठ और डॉ. मनीष बाजपेयी विजयी रहे। सदस्य पद के लिए हिमांशु आंचल, सुनील कुमार और डॉ. विपिन पांडेय का चयन हुआ। जनसंपर्क अधिकारी के रूप में अभिषेक प्रताप सिंह को विजयी घोषित किया गया, जबकि पुस्तकालयाध्यक्ष पद पर डॉ. प्रमोद यादव निर्वाचित हुए। विजयी संबोधन में प्रो. एम.पी. सिंह, जो वर्तमान में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय), लखनऊ के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में प्रोफेसर हैं, ने कहा – “यह जीत मेरी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि पूरे पुस्तकालय समुदाय की आकांक्षाओं और विश्वास की जीत है। आने वाले समय में उपला की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसे और अधिक पारदर्शी, सशक्त और आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताओं में उत्तर प्रदेश पुस्तकालय अधिनियम, 2006 का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रदेश में पुस्तकालयाध्यक्षों और अन्य कर्मियों के रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति, निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों का समाधान, तथा प्रशिक्षण, डिजिटल पहलों और ई-गवर्नेंस प्रणाली के माध्यम से संगठन का आधुनिकीकरण शामिल है। चुनाव परिणाम आने के बाद पुस्तकालय पेशेवरों और छात्रों में उत्साह का माहौल रहा। सभी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।
प्रो. एम.पी. सिंह उत्तर प्रदेश पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष एवं विनोद कुमार मिश्रा महामंत्री चुने गए

