लखनऊ:अस्सी के दशक की बेहतरीन धाविका उड़नपरी पीटी ऊषा भी हिमा दास के प्रदर्शन से खुश हैं। पर उन्होंने हिमा को सलाह भी दी है कि उसे सिर्फ अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान देना होगा। उन्हें उम्मीद है कि हिमा सितम्बर में दोहा में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करेंगी। यही नहीं उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि जिस तरह भारतीय एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं उसे देखते हुए भविष्य में ओलंपिक खेलों में जीत सकते हैं। पीटी ऊषा सोमवार को राजधानी में थीं। वह यहां राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लोगो व शुभंकर के अनावरण समारोह में हिस्सा लेने आई थीं।
ओलंपिक में पदक आएगा : लास एंजिल्स ओलंपिक में 400 मीटर बाधा दौड़ में चौथे स्थान पर रही ऊषा ने कहा अब भारतीय एथलीट विश्व स्तरीय प्रदर्शन के करीब पहुंच रहे हैं। उन्हें सुविधाएं भी मिल रही हैं। ट्रेनिंग के लिए अच्छा माहौल मुहैया कराया जा रहा है।
विदेशी कोच भी हैं। विदेश में भी ट्रेनिंग का मौका मिल रहा है। इसे देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भारतीय एथलीट ओलंपिक में पदक जीत सकेंगे।
जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत: पीटी ऊषा ने कहा कि अब सीनियर स्तर पर एथलीटों की कमी देखी जा रही है। कुछ इवेंट ऐसे हैं जिनमें पिछले कई वर्षों से कुछ गिने-चुने एथलीट ही राज कर रहे हैं। ऐसे में उनसे बेहतर प्रदर्शन कर दूसरी कतार को आगे आना होगा।
इसके लिए जमीनी स्तर पर ईमानदारी से काम करने की जरूरत है। मेहनत और लगन के साथ प्रतिभाओं को खोजना होगा। जिला स्तरीय इकाइयों को सक्रिय होना पड़ेगा।
400 मीटर में हिमा अच्छा कर सकती है
सियोल एशियाई खेल में चार स्वर्ण समेत पांच पदक जीतने वाली पीटी ऊषा ने कहा कि हिमा को 400 मीटर की दौड़ पर ध्यान देना चाहिए। वह 200 मीटर भी दौड़ रही है। पर उसका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं है जितना 400 मीटर में। वह 400 मीटर की जूनियर विश्व चैंपियन भी है। ऐसे में इस दौड़ में उसका भविष्य उज्ज्वल है।
ओलंपिक में पदक न जीत पाने का आज भी मलाल
पीटी ऊषा को 1984 लॉस एंजिल्स में 400 मीटर बाधा दौड़ में पदक न जीत पाने का आज भी मलाल है। उन्हें जिंदगी में सिर्फ इसके अलावा किसी अन्य बात का अफसोस नहीं है। आज भी उन्हें याद है कि वह लेन नम्बर पांच पर दौड़ रही थीं। मुतवकील ने तो स्वर्ण पदक जीत लिया था। इसके बाद तीन अन्य एथलीट एक साथ आखिरी के 25 मीटर में साथ-साथ आ गईं। उधर आठ नम्बर लेन से अमेरिका की जूडी ब्राउन निकल कर दूसरे स्थान पर आ गईं। तीसरे स्थान पर रही रोमानिया की क्रिस्टियाना का सिर एक इंच उनसे पहले फिनिशिंग लाइन क्रास कर गया। वह सेकेंड के सौवें हिस्से से कांस्य पदक जीतने से चूक गई थीं।

