चेम्बूर। पर्युषण महापर्व के छठे दिन सभाध्यक्ष श्री सुरेंद्रजी कोठारी एवं सभा की टीम चेम्बूर में विराजित साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी एवं साध्वीवृंद के प्रवास स्थल पहुँची। दर्शन, सेवा-उपासना एवं प्रवचन का लाभ प्राप्त हुआ।पर्युषण का छठा दिवस ‘जप दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
इस अवसर पर साध्वीश्री जी ने प्रेरणा देते हुए फरमाया कि तपस्या के साथ यदि जप को जोड़ दिया जाए, तो उसका आध्यात्मिक लाभ कई गुना बढ़ जाता है। जीवन में जब भी विघ्न-बाधाएँ आती हैं, तब जप का सहारा मन को संबल देता है और विघ्नों के निवारण में सहायक बनता है।
जप बाहरी उपलब्धि के लिए नहीं, आत्मा के कल्याण के लिए किया जाता है। जब जप का संबंध आत्मा से जुड़ जाता है, तब वही जप जीवन के लिए कल्याणकारी बन जाता है।
साध्वीश्री जी ने विशेष रूप से प्रेरणा दी कि जप के प्रति आस्था और विश्वास होना आवश्यक है। श्रद्धा एवं विश्वास के साथ किया गया जप आत्मबल को जागृत करता है और साधना को अधिक प्रभावशाली बनाता है।
इस अवसर पर सभाध्यक्ष महोदय ने मुंबई सभा द्वारा संचालित विभिन्न सेवा एवं सामाजिक उपक्रमों की विस्तृत जानकारी साध्वीश्री एवं उपस्थित गणमान्य बंधुओं के समक्ष प्रस्तुत की।
रिपोर्ट दीपक राठौड़
चेम्बूर: छठे दिन जप दिवस का आयोजन, सभा अध्यक्ष व टीम ने की साध्वी श्री के दर्शन

