मुंबई: पीएनबी घोटाले के आरोपी मेहुल चौकसी के मामले में मुंबई स्थित सीबीआई अदालत में मंगलवार को दो याचिकाएं दायर की गईं। एक याचिका चौकसी के वकील विजय अग्रवाल और अंशुल अग्रवाल की ओर से लगाई गई। उन्होंने कहा कि चौकसी का पक्ष सुने बिना उसे घोषित अपराधी ठहराना न्याय के अधिकार के खिलाफ होगा। बता दें सीबीआई ने चौकसी को घोषित अपराधी ठहराकर संपत्तियां अटैच करने की अपील की थी। दूसरी याचिका चौकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स के पूर्व निदेशक ए एस नायर ने लगाई। उन्होंने गीतांजलि जेम्स के सर्वर पर स्टोर डेटा की कॉपी मांगी। सीबीआई ने डेटा जब्त किया था।
कोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा, 23 अक्टूबर को अगली सुनवाई
चौकसी के वकीलों ने गैर जमानती वारंट रद्द करने की मांग भी की। दूसरी ओर ए एस नायर ने कहा- सीबीआई की जिम्मेदारी बनती है कि जो भी सामग्री जब्त की है उसे रिकॉर्ड में लाए, ताकि बचाव पक्ष मजबूती से तैयारी कर सके। अदालत ने दोनों याचिकाओं पर सीबीआई से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी।
14 हजार करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का आरोपी मेहुल चौकसी एंटीगुआ-बारबुडा में रह रहा है। फरवरी 2018 में पीएनबी घोटाले के खुलासे से पहले ही वह विदेश भाग गया था। उसने पिछले साल जनवरी में एंटीगुआ-बारबुडा की नागरिकता हासिल कर ली थी।

