नई दिल्ली:कनार्टक से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य के एस राम मूर्ति ने मंगलवार भाजपा का दामन थाम लिया। पार्टी के केंद्रीय कायार्लय में भाजपा महासचिव अरुण सिंह एवं भूपेन्द्र यादव, केन्द्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राममूर्ति को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई। राममूर्ति राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। अब संसद के उच्च सदन में विपक्षी दलों के सदस्यों के इस्तीफों के बीच सत्तारूढ़ एनडीए के सदस्यों की संख्या में हुए इजाफे के कारण बहुमत के करीब पहुंची मोदी सरकार के लिये राज्यसभा में स्थिति मुफीद हो गयी है।
कांग्रेस के सांसद के सी राममूर्ति के उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। भाजपा सूत्रों ने संसद के आगामी शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष के कुछ अन्य सदस्यों के इस्तीफे की उम्मीद जताते हुये आगामी सत्र में मित्र दलों के सहयोग से सरकार के लिये राह आसान होने का भरोसा जताया है।
राज्यसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों की संख्या अब 45 रह गयी है, वहीं विभिन्न राज्य विधानसभाओं में मजबूत स्थिति में पहुंची भाजपा को उच्च सदन की रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनाव के बाद 245 सदस्यीय सदन में उसके सदस्यों की संख्या 83 हो जाएगी।
राज्यसभा में अभी रिक्त सीटों की संख्या पांच है। सदन में भाजपा सहित राजग के सदस्यों की संख्या 106 है। उच्च सदन में सत्तापक्ष का बाहर से समर्थन करने वाले अन्नाद्रमुक के 11, बीजद के सात, टीआरएस के छह, वाईएसआर कांग्रेस के दो और तीन अन्य क्षेत्रीय दलों का समर्थन राजग को विधायन में बहुमत के संकट से उबारने में मददगार साबित होते हैं।
उल्लेखनीय है कि सत्तारूढ़ राजग का उच्च सदन में बहुमत नहीं होने के कारण मोदी सरकार को पिछले कार्यकाल में तीन तलाक सहित अन्य अहम विधेयकों को पारित कराने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा था। लोकसभा चुनाव के बाद तेदेपा, कांग्रेस और सपा छोड़ने वाले राज्यसभा सदस्यों को उपचुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाकर फिर से उच्च सदन में भेजा है। भाजपा को आने वाले दिनों में विपक्ष के कुछ अन्य सदस्यों के इस्तीफे की उम्मीद है।

