नई दिल्ली:सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पाकिस्तान की ओर से बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के शातिराना हमलों से बचने के लिए व्यापक रणनीति पर काम शुरू किया है। बीएसएफ महानिदेशक रजनीकांत मिश्र ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पाकिस्तान की ओर से होने वाले दुर्दांत हमलों से जवानों को बचाने के लिए सुरक्षाबल पिछले पांच साल में हुई घटनाओं का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करवा रही है। इसके निष्कर्ष के आधार पर बचाव की व्यापक रणनीति बनाई जाएगी।
महानिदेशक ने बताया कि एडीजी (पश्चिमी कमान) के नेतृत्व में पिछले पांच साल में हुई घटनाओं का विश्लेषण चल रहा है। इसके बाद जो भी सुझाव सामने आएंगे, उनके आधार पर सिविल, मैकेनिकल या रणनीतिक रूप से जरूरी उपाय किए जाएंगे, जिससे ऐसी घटनाओं को टाला जा सके। बीएसएएफ महानिदेशक 18 सितंबर को एक जवान की बैट टीम द्वारा की गई हत्या और जवान के शव से हुए छेड़छाड़ के मामले में बीएसएफ की कार्रवाई से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे। बीएसएफ डीजी ने कहा कि हम पाकिस्तान की ओर से होनेवाली किसी भी बिना उकसावे की कार्रवाई का ठोस जवाब देते हैं। लेकिन हमारे पास ऐसा कोई तंत्र नहीं है, जिससे इस बात का सटीक पता लगा सके कि दूसरे पक्ष को कितना नुकसान हुआ है। हां, इतना जरूर पता लगता है कि भारी क्षति हुई है।
नई तकनीक के बंकर बनेंगे
बीएसएफ डीजी ने कहा कि नई तकनीक से युक्त बंकर बनाने का काम भी चल रहा है, जिससे सीमा पर जवान बंकर में सुरक्षित रहते हुए अपनी ड्यूटी भी कर सके और दुश्मन की निगरानी भी कर सके।
गुणवत्ता पर सवाल नहीं
राशन की गुणवत्ता पर पूछे गए सवाल के जवाब में डीजी ने कहा कि राशन की गुणवत्ता की जांच डीआरडीओ से कराई गई थी। इसमें 97 फीसदी संतोष का स्तर पाया गया। तीन फीसदी सुधार की जरूरत बताई गई थी। इसपर भी सुरक्षा बल काम कर रहा है।
जनसांख्यिकी पर रिपोर्ट
जैसलमेर की जनसांख्यिकी में बदलाव और एक समुदाय विशेष के लोगों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर सवाल पर बीएसएफ डीजी ने कहा कि सुरक्षा बल समय समय पर किसी भी क्षेत्र में परिवर्तन को लेकर अपनी रिपोर्ट देता रहता है। बीएसएफ ने इनपुट के आधार पर जैसलमेर पर अपनी रिपोर्ट दी है। बीएसएफ डीजी ने बाद में अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह रिपोर्ट किसी धर्म विशेष पर नहीं है।
पाकिस्तानी बैट से बचने को रणनीति बना रही है बीएसएफ

