मुंबई। आ. रविशेखरसूरीश्वरजी म. सा. की निश्रा में श्री ठाकुरद्वार जैन श्वे. मू. पू. संघ के तत्वावधान में दीर्घकालीन प्रतीक्षा के बाद श्री संघ में नूतन निर्मित श्री आदेश्वर आराधना भवन का भव्य उद्घाटन समारोह आज रविवार को रखा गया। आदिनाथ भगवान और गुरुदेव की असीम कृपा और प्रभाव से वर्षो बाद आखिर संघ को विशाल भवन की प्राप्ति हुई जिसमें मेवाड मूर्तिपूजक संघ अध्यक्ष मोहन पामेचा के अथक प्रयास से भवन का सपना साकार हुआ जिसमें उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहीं, गुरुदेव और ठाकुरद्वार संघ ने पामेचा को बहुत बहुत साधुवाद धन्यवाद ज्ञापित किया। सी. पी. टैंक सर्कल के पास, खत्तर गली, सुखानंद चाल, श्रीपति ज्वेल्स टावर में प्रथम मंजिल पर बिना किसी अवरोध वाले खम्बों के विशाल आराधना भवन की प्राप्ति के लिए गुरुदेव ने पिछले 4 महीनों में अटूट मेहनत की हैं और तप-जप, आराधना, आदि किये और करवाये और उसका फल भी मिल गया।
भवन के लिए जगह प्राप्ति के बाद उसे जल्दी से जल्दी निर्मित करवा के विहार से पहले उद्घाटन करने का लगभग असंभव लक्ष्य सामने था, पर गुरुदेव के आशीर्वाद से बिल्डर ने भी पूरा सहयोग दिया और लगभग 30 दिनों में भवन का बांधकाम लगभग पूरा करवा के लिया, जिसका आज निर्विघ्न उद्घाटन भी हो गया।
सुबह 9:30 बजे नेमानी वाड़ी से साधु-साध्वी भगवंतो, लाभार्थी परिवारों एवं सकल संघ के साथ नाचते-वाजते-गाज़ते नूतन निर्मित श्री आदेश्वर आराधना भवन के लिए प्रयाण किया गया, 9:45 बजे भवन उद्घाटन के लाभार्थी परिवार द्वारा भवन का उद्घाटन किया गया, फिर कार्यालय कक्ष (पेढ़ी) के लाभार्थी परिवार द्वारा कार्यालय कक्ष (पेढ़ी) का उद्घाटन किया, फिर साधना कक्ष के लाभार्थी परिवार द्वारा साधना कक्ष का उद्धाटन किया गया, फिर स्वाध्याय कक्ष के लाभार्थी परिवार द्वारा स्वाध्याय कक्ष का उद्धाटन किया गया, फिर भगवान के आगे दीपक प्रज्जवलन किया गया, फिर पाट पर विराजमान होकर गुरुदेव ने मांगलिक से कार्यक्रम की शुभ शुरुवात की, भवन के बारे में विगत बताते हुए गुरुदेव ने उपस्थित पुण्यशालियों को भिन्न-भिन्न योजनाओं में लक्ष्मी का सदुपयोग करके दान करने के लिए प्रेरित किया और भामाशाहों ने भिन्न भिन्न योजनाओं में नाम लिखवाकर पुण्योपार्जन किया।
भवन में अलग-अलग 12 खंडों का वितरण किया गया हैं और सभी खंडों के ऊपर दान दाताओं के नामों को स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराके हमेशा के लिए तख्तियां लगाई जाएगी, जैसे भवन के नीचे मुख्य द्वार, सुधर्मा स्वामी प्रवचन हॉल, गौतम स्वामी देशना हाल, भरत चक्रवर्ती हॉल, कार्यालय कक्ष (पेढ़ी), संयम द्वार, समकित द्वार, वीरती द्वार, मरूदेवा द्वार, स्वाध्याय कक्ष, साधना कक्ष और रसवंती गृह। इनके अलावा हॉल के भीतर दोनों तरफ भी रत्न स्तंभ, स्वर्ण स्तंभ, रजत स्तंभ एवं शुभेच्छुक सहयोगी दान दाताओं की नामावली की तख्तियां होगी।
भवन में लक्ष्मी का सदुपयोग करनेवाले महानुभावों की अनुमोदना स्वरूप नामावली, सुधर्मा स्वामी प्रवचन हॉल और भवन के कुंभ स्थापना दोनों के लाभार्थी श्रीमती जैन पुष्पाबेन राजमलजी मुणोत (दादाई), भवन के उद्घाटन के लाभार्थी शा. अचलचंदजी चुन्नीलालजी पुनमिया (पिलोवणी), कार्यालय कक्ष (पेढ़ी) के लाभार्थी शा. शांतिलालजी केशरीमलजी जैन (चरली), साधना कक्ष के लाभार्थी स्व. श्रीमती रतनबेन चंदनमलजी परमार (दुजाणा), स्वाध्याय कक्ष के लाभार्थी शा. घीसुलालजी हेमराजजी करबावाला (सादड़ी), रसवंती गृह के लाभार्थी राम और श्याम, ठाकुरद्वार (भरत चौहान और हसमुख जैन, तखतगढ़), उद्घाटन दिन संघ स्वामी वात्सल्य के लाभार्थी श्रीमती सोनीबाई भंवरलालजी सिंघवी (झालों की मदार)।
तत्पश्चात सभी लाभार्थी परिवारों के सभी सदस्यों का तिलक, हार, श्रीफल, शॉल एवं चांदी भेंट करके बहुमान किया गया और सम्पूर्ण चातुर्मास दरम्यान गुरुदेव के सभी प्रवचनों, अनुष्ठानों, गोचरी, चिकित्सा, वयावच्च, विहार, आदि कार्यक्रमों और कार्यों में सेवा करने तत्पर रहने वाले समर्पण ग्रुप के समर्पित सभी सदस्यों का संघ के पदाधिकारियों द्वारा मोमेंटो भेंट करके बहुमान किया गया, कार्यक्रम में उपस्थित हजारों भाग्यशालियों ने सभी के बहुमान करते वक़्त तालियों की गड़गड़ाहट से भवन को गुंजायमान कर दिया।
किशन सिंघवी और कुणाल शाह के अनुसार इस अमूल्य अवसर पर श्री संघ के पदाधिकारी, अन्य संघों और बाजार के पदाधिकारी, लाभार्थी परिवारों के अलावा हजारों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति रहीं।
नूतन निर्मित श्री आदेश्वर आराधना भवन का भव्य उद्घाटन समारोह

