ठाणे। साध्वी श्री अणिमाश्रीजी एवं साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी ठाणा 6 के ऐतहासिक सफलतम ठाणे पावस की परिसम्पन्नता पर मुंबई स्तरीय मंगल भावना समारोह आयोजित हुआ। मुंबई महानगर की विशाल जनमेदिनी ने तहेदिल से गुरु-दर्शन यात्रा की मंगलभावना व्यक्त की। इस अवसर पर भिक्षु महाप्रज्ञ ट्रस्ट के विशेष अनुदानदाता कल्याण मित्र कैलाशचंद, राजकुमारी गोयल, अभिषेक निधि गोयल, लव देवयानी का ट्रस्ट व सभा की ओर से सम्मान किया गया।
साध्वी अणिमाश्रीजी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा मुंबई का हमारा चार वर्षीय प्रवास शिवंकर, शुभंकर एवं क्षेमंकर रहा। शारीरिक, मानसिक दृष्टि से साताक़री व चित्त समाधि प्रदायक रहा। पूज्यप्रवर ने महती कृपा कर इस बार का चातुर्मास ठाणा क्षेत्र को प्रदान किया। ठाणा का भवन साताकारी है, श्रावक समाज साताकारी है एवं पावस में संघ प्रभावक कार्यकर्मो की योजना हुई जिसमें तेरापंथी सभा, ठाणे सिटी, ठाणा सेंट्रल, कोपरी एवं वागले इस्टेट तेयुप व चारों महिला मंडल तथा भिक्षु महाप्रज्ञ ट्रस्ट, अणुव्रत समिति, जीवन विज्ञान एकेडमी, कन्या मंडल, किशोर मंडल, ज्ञानशाला व संपूर्ण श्रावक समाज का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ।
मुंबई एवं ठाणा के विनीत, श्रद्धाशील, श्रावक-श्राविकाओं ने हमारे दिल मे अच्छा स्थान बनाया है। क्षेत्र में सभी सभा-संस्थाओं में सौहार्द, समन्वय व एकता का वातावरण बना रहे। सभी संघ प्रभावना में अपने श्रम, शक्ति व समय का नियोजन करते रहे। सभी श्रावक-श्राविकाओं की प्रमोद भावना हमारे मन को आह्लादित एवं भावविभोर कर रही है। हमने जो कुछ किया है सारी शक्ति पावर हाउस से प्राप्त हुई है। चातुर्मास की सफलता का सारा श्रेय पूज्यवर के श्री चरणों मे समर्पित कर निश्चिंतता की अनुभूति कर रही हूं।
साध्वी मंगलप्रज्ञाजी जैसी सहग्रहणी का योग मिलना सौभाग्य की बात है। इनके विजन ने कार्यकर्मो को नवीनता प्रदान की है। साध्वी कर्णिकाश्रीजी, साध्वी सुधाप्रभाजी, साध्वी समत्वयशाजी एवं साध्वी मैत्रीप्रभाजी की श्रमशीलता चातुर्मास में मुखर होकर बोल रही है। ठाणा पावस हमेशा याद रहेगा। क्योंकि चार वर्षों के बाद हम यंही से गुरु दर्शनों हित विहार कर रहे है। गुरु दर्शनों के लिए वर्षो से प्यासी अँखिया अब बहुत जल्द तृप्त होंगी। आप सबकी मंगल भावनाओं को तहेदिल से स्वीकार करते हुए हम गुरु-दर्शन यात्रा के लिए प्रस्थित होंगे। आप सबका धर्म ध्यान बढ़ता रहे, वीतरागता की ओर अग्रसर बनें, मंगलकामना।
साध्वी श्रीजी ने कल्याणमित्र श्री कैलाशचंद राजकुमारी गोयल के लिए कहा इनके विलेपार्ले भवन में हमारा लम्बा प्रवास हुआ। शय्यातर का लाभ इनको मिला। इनकी संघभक्ति, गुरुभक्ति, श्रद्धा व समर्पण बेजोड़ है। अभिषेक-निधि, कासवी, देवयानी आदि पूरे परिवार में धार्मिक भावना है। उदारमना है। विसर्जन का अच्छा गुण है।
साध्वी मंगलप्रज्ञाजी ने अपने उद्बोधन में कहा आज्ञानिष्ठ, मर्यादानिष्ठ तेरापंथ धर्मसंघ आचार्यभिमुख है। आचार्यवर के श्रीमुख से जो शब्द निकलते है, वो तेरापंथ के लिए ब्रम्हवाक्य बन जाते है। पूज्यप्रवर के श्रीमुख से हमारा ठाणा चातुर्मास घोषित हुआ। हर दृष्टि वे पावस आनंदप्रदायी एवं समाधिप्रदायी रहा। मैं पूज्य गुरुदेव की दिव्य ऊर्जा से साध्वी श्री अणिमाश्रीजी एवं साध्वियों के सहयोग तथा सेवा से पूर्णतया स्वस्थ होकर मुंबई से प्रस्थान(विहार) कर रही हूं। मुंबई का श्रावक समाज बड़ा जागरूक है। साध्वियों की चिकित्सा की समुचित व्यवस्था करता हो संपूर्ण मुंबई श्रावक समाज के प्रति मेरा अहोभाव है।
श्री भिक्षु महाप्रज्ञ ट्रस्ट के सरंक्षक निर्मल श्रीश्रीमाल ने कहा हम ठाणावासी कृतज्ञता ज्ञापित करते है पूज्यश्री के श्री चरणों मे, जिन्होंने हमे धर्मसंघ की प्रख्यात, वैदूषयसम्पन्न साध्वी श्रीजी का चातुर्मास प्रदान किया।
सभाध्यक्ष देवीलाल श्रीश्रीमाल ने कहा साध्वीश्रीजी ने अपने पुरुषार्थ एवं कर्तुव्य से नए इतिहास रचे है। सृजन के नए स्वस्तिक उकेरे है।
सभामंत्री जितेंद बरलोटा ने कहा साध्वी श्रीजी की प्रबल प्रेरणा से ठाणा भवन में अध्यात्म का इंद्रधनुषी रंग सदैव बिखरा रहा। एक से बढ़कर एक कार्यक्रम हुए। चार महीनों तक हर घर मे तेरह घंटे तक नमस्कार महामंत्र का अखंड जप चला। सभी को नई ऊर्जा की अनुभूति हुई। हजारों सामायिक हुई। साध्वीश्रीजी कि प्रेरणा से भायंदर, मीरारोड व वाशी में भी दो महीने तक हर घर मे जप का क्रम चला।
अ.भा. महिला मंडल की महामंत्री तरुणा बोहरा ने कहा मेरे व्यक्तित्त्व निर्माण में साध्वी श्रीजी का बड़ा योगदान रहा है। मैं मेरे सृजनकर्ता के रूप में आपको नमन कर रही हूं। विलेपार्ले, कांदिवली, कालबादेवी व ठाणा में चार पर्सनालिटी डेवलपमेंट की यूनिवर्सिटी खुली थी जिसके हम सब विद्यार्थी रहें है। हमने आपसे बहुत कुछ सीखा है।
मुंबई सभा के मंत्री विजय पटवारी, मुंबई महिला मंडल की अध्यक्षा भाग्यश्री कच्छारा, सभा के पूर्व अध्यक्ष विनोद कच्छारा, तुलसी महाप्रज्ञ ट्रस्ट के अध्यक्ष के एल परमार, निवर्तमान अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी, टी पी एफ के पूर्व अध्यक्ष सलिल लोढा, वर्तमान अध्यक्ष दीपक डागलिया, मनोहर गोखरू, मेघराज धाकड़, मुंबई चातुर्मास प्रवास व्यवस्थापक के अध्यक्ष मदन तातेड़, दलपत बाबेल, पंडित उदय आचार्य, महावीर ढ़ेलडिया, जयश्री बडाला, सुमन बच्छावत, श्वेता सुराणा, विशेष जैन, पार्थ दुग्गड़, रेणु कोठारी, शांतिलाल सेठिया, निशिता ढ़ेलडिया, भारती सेठिया, मुलुंड सभाध्यक्ष राकेश टुकलिया, विलेपार्ले तेयुप अध्यक्ष अनिल बाफना, निर्मल ढ़ेलडिया, सिमा बाफना, अशोक रेखा बरलोटा, प्रतिभा चोपड़ा, अनिता धारीवाल, कंचन सोनी, भारती ओस्तवाल, रमेश सोनी, सुंदरलाल इंटोदिया, महेंद्र जैन(वागरेचा), विमल सोनी ने अपने भाव व्यक्त कर समस्त सभा को भावविभोर कर दिया।
अंजली इंटोदिया ने PPT के द्वारा चातुर्मास की झलकियां दिखाकर अतीत को जीवंत कर दिया।
ठाणे कन्यामंडल ने सुंदर प्रस्तुति के द्वारा सबका मन मोह लिया।
कल्याणमित्र कैलाशचंदजी गोयल ने साध्वीश्रीजी के विहार की मंगलकामना करते हुए सबका आभार व्यक्त किया तथा अर्जन के साथ-साथ विसर्जन करने की बात कही, ताकी समाज आगे बढ़ता रहे।
प्रख्यात ब्रेस्ट कैंसर रोग के विशेषज्ञ मंदार नाडकर्णी ने विचार रखे। सुश्री कव्या ने भाव व्यक्त कीए। डॉ मंदार नाडकर्णी, डॉ जिनल शाह, डॉ भवेशा जैन, डॉ कल्पा एवं डॉ चौरड़िया का सम्मान किया गया।
भिक्षु महाप्रज्ञ ट्रस्ट के विशेष अनुदानदाता कैलाशचंद राजकुमारी गोयल, देवयानी लवजी का सम्मान ट्रस्ट एवं सभा द्वारा किया गया। सभी ने गोयल परिवार के उदार दिल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। सभा का संचालन मंत्री जितेंद्र बरलोटा ने किया।
मुंबई स्तरीय मंगल भावना समारोह का भव्य आयोजन

