मुंबई। मुलुंड में शासन श्री साध्वी कैलाशवती जी के सानिध्य में महिला दिवस का आयोजन रखा गया। हेली के द्वारा तेरापंथ भवन में नगर सेविका रजनी केनी एवं पुलिस कर्मचारी पवार साहेब, माली साहब आदि उपस्थित हुए। आज महिलाओं के चेहरे की रौनक को पढ़ा जा सकता था। साध्वी कैलाशवतीजी ने महिलाओं को नवरत्न में एक रत्ना बताते हुए कहा मूल चार रत्ना माने जाते हैं: पुस्तक, रोटी, मकान, स्त्री। स्त्री वह रत्ना है जो जीवन भर समता व सहिष्णुता से एक परिवार को ही नहीं दो-दो परिवारों की शोभा बनती है। घर को स्वर्ग बनाने में स्त्री का स्थान प्रथम रहता है। आज अपेक्षा है सहिष्णुता व विनम्रता के सपनों पर आरोहण करें आज की महिला।
साध्वी पंकज श्री जी ने कहा महिला शब्द अपने आप में वर्धमान है जो (म) है वह ममता और (ही) हिम्मत और (ला) लज्जा का द्योतक है जिसमें यह 3 गुण विद्यमान है, वह है महिला। आज 21वीं सदी महिलाओं की है हर क्षेत्र में महिलाएं प्रगति के द्वार खोल रही है। महिला दिवस पर बहने संकल्प करें हम भ्रूण हत्या नहीं करेंगे, संयम व सादगी से महिला ग्राफ को ऊंचा उठाएंगे। साध्वी शारदाप्रभा जी ने कहा महिला युग के अनुसार चले लेकिन संस्कारों के गमले को सदा साथ में रखें। ओल्ड को गोल्ड मानकर ग्रहण करें। साध्वी ललिताश्री जी एवं सम्यकयशाजी ने गीतिका की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का कुशल संचालन उपासीका चंद्रा पटवारी ने किया। महिला मंडल संयोजिका लक्ष्मी हिरण, सहसंयोजका सीमा मेहता, अल्का डांगी, पुष्पा सिंघवी, निर्मला मेहता, नीता सिंघवी, दिलकुश छाजेड़, निर्मला सिंघवी, लीला चोरडिया, गरिमा अच्छा, जया धाकड़ आदि महिलाएं भी उपस्थित रही ।
महिला दिवस पर मुलुंड में एक्टिव महिलाओं का एक्टिवा रैली

