बेंगलुरु। श्री आऊवा जैन महिला मंडल, बेंगलुरु द्वारा राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं लोकजीवन को सजीव रूप में प्रस्तुत करने हेतु “म्हारी संस्कृति म्हारो राजस्थान” कार्यक्रम का भव्य एवं सफल आयोजन स्थित के.आर.रोड स्थित बीबीयूएल जैन विद्यालय में उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं, परिवारों एवं गणमान्य अतिथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे पूरा वातावरण राजस्थानी संस्कृति के रंग में रंग गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आपसी मिलन एवं नेटवर्किंग से हुई, जिससे उपस्थित सदस्यों के बीच आत्मीय संवाद स्थापित हुआ। कार्यक्रम की संचालन भूमिका बिन्दु रायसोनी द्वारा प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की गई। मंगलाचरण मण्डल की बहनों द्वारा भक्तिमय वातावरण में प्रस्तुत किया गया, जिसने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
अध्यक्ष मंजु चंडालिया ने स्वागत वक्तव्य में सभी का अभिनंदन करते हुए मंडल की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। मंत्री हर्षा चोपड़ा द्वारा ऑडियो-वीडियो के माध्यम से गतिविधि रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा। कार्यक्रम में गणेश वंदना की सुंदर प्रस्तुति के पश्चात श्री मीठालाल जी पावेचा द्वारा विषय पर सारगर्भित प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी को प्रेरित किया। अतिथियों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। आयोजन का मुख्य आकर्षण क्योंकि सास भी कभी बहू थी-लघु नाटिका रही जिसमें विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषय को मनोरंजक अंदाज़ में बिन्दु मेहता, अंजलि जैन आदि टीम कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही शंखेश्वरी बरलोटा एवं सदस्यों तथा तमन्ना मेहता एवं सदस्यों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य कला ने सभी का मन मोह लिया और कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया।
विशेष सत्र के अंतर्गत संतोष रायसोनी द्वारा “पात्र परिचय एवं बेटी परनाओ – बहू पढ़ाओ” विषय पर प्रभावी प्रस्तुति दी गई, जिसने सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। “ कौन बनेगा आऊवापति” गतिविधि ने कार्यक्रम में रोचकता एवं सहभागिता का विशेष माहौल बनाया, जिसमें उपस्थित जनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य प्रायोजक के रूप में श्री विजयराज, शिल्पा पावेचा का विशेष सहयोग रहा। सह-प्रायोजक के रूप में श्री मनोरथमलजी लीलाबाई वेद मुथा (आऊवा) का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अतिरिक्त सहयोगकर्ताओं में श्री मीठालालजी – मधुबाला पावेचा, श्री सोहनराजजी – शांतिबाई वेद मुथा, श्री सुरेश कुमारजी – गुणवंतिदेवी वेद मुथा, श्री उत्तमचंदजी – रसिलादेवी पावेचा (आऊवा), अरोका वेल्थ तथा श्री महेंद्रजी – पद्मादेवी चंडालिया (आऊवा) का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। लक्कीं ड्रा निकाले गये और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। आऊवा मण्डल के पुरुष वर्ग का पूर्ण सहयोग रहा। बीबीयूएल का विशेष सहयोग रहा। उपाध्यक्ष मधु पावेचा, सहमंत्री सविता पी पोरवाल, कोषाध्यक्ष राखी मेहता ने विभिन्न व्यवस्थाएँ सँभाली। सुश्री निकिता रायसोनी, रेखा रायसोनी, हिना कोठारी ने सोशल मीडिया कार्यभार सम्भाला। मण्डल की बहनों द्वारा राजिष्ट्रेशन, अतिथि स्वागत, स्टेज, बिठाने एवं अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग प्राप्त हुआ। अंत में मंत्री हर्षा चोपड़ा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर सभी का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने लगभग छ: सौ लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसमें न केवल राजस्थानी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की, बल्कि समाज में एकता, सहयोग एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।
म्हारी संस्कृति म्हारो राजस्थान” कार्यक्रम बेंगलुरु में भव्य रूप से सम्पन्न
Highlights
- श्री आऊवा जैन महिला मंडल द्वारा सांस्कृतिक उत्सव “म्हारी संस्कृति म्हारो राजस्थान” सफलतापूर्वक आयोजित
- राजस्थानी संस्कृति के रंग में रंगा बेंगलुरु, “म्हारी संस्कृति म्हारो राजस्थान” कार्यक्रम रहा आकर्षण का केंद्र

