मुंबई : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के टूटने के बाद ममता बनर्जी पार्टी बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, तो वहीं महाराष्ट्र में नई पार्टी के सांसद टूटने के बाद उद्धव ठाकरे की चिंता ‘ऑपरेशन टाइगर 3.0’ की आहत ने बढ़ाई हुई। छह सांसदों के टूटने और फिर विश्वसनीय सचिन अहीर के शिंदे के साथ चले जाने से उद्धव ठाकरे की पार्टी में हड़कंप है। महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे ने अब अपने आवास मातोश्री में एक आपात बैठक बुलाई है।
आज बैठक होने की संभावना
उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई विधायकों की यह इमरजेंसी मीटिंग मंगलवार को हो सकती है। अब तक साफ नहीं है कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्या होगा। सूत्रों ने बताया है कि शाम 7 बजे होने वाली इस बैठक का मकसद नेताओं के पार्टी छोड़ने से हुए नुकसान की भरपाई करना और पार्टी से और नेताओं को जाने से रोकना है। पार्टी नहीं चाहती है कि उसे अब और नुकसान हो। महाविकास आघाड़ी में उद्धव ठाकरे की पार्टी के पास ही सर्वाधिक विधायक हैं।
शिंदे के नेता बढ़ा रहे धड़कनें
सांसदों के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि ऑपरेशन टाइगर के तहत यूबीटी के कई विधायक भी दल-बदल की तैयारी कर रहे हैं। शिवसेना के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दावा किया कि ऑपरेशन टाइगर 3.0 पहले ही शुरू हो चुका है 14 विधायकों के उप मुख्यमंत्री शिंदे के खेमे में शामिल होने की उम्मीद है। शिंदे गुट के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आधिकारिक तौर पर ऐसे किसी भी ऑपरेशन से इनकार किया है।
उद्धव ठाकरे की क्या है तैयारी
यह भी चर्चा है कि बैठक में राज्य विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के आखिरी हफ्ते के लिए पार्टी की रणनीति को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। उद्धव गुट में 9 सांसद थे, जिनमें से 6 हाल ही में पाला बदल चुके हैं। उद्धव ठाकरे ने यह बैठक ऐसे वक्त पर बुलाई है जब उन्होंने राम मंदिर दान और चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर राम रक्षा आंदोलन शुरू किया है।

