फ्रांसिस्को:अमेरिका में हुए दंगों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेसबुक पर एक विवादित पोस्ट डाला था। इस पर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने ट्रंप का बचाव करते हुए इस पोस्ट पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था। जुकरबर्ग के इस फैसले का उनके कई कर्मचारियों ने विरोध किया था। उन्हीं कर्मचारियों में से एक ब्रैंडन डायल ने जुकरबर्ग के फैसले की कड़ी आलोचना की थी, जिसे फेसबुक ने नौकरी से निकाल दिया है। वहीं कंपनी ने कहा कि सीईओ के खिलाफ वॉकआउट करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिशोध के तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ब्रैंडन डायल फेसबुक के सिएटल ऑफिस में यूजर इंटरफेस इंजीनियर के पद पर तैनात था। डायल ने ट्विटर पर लिखा कि उसे नौकरी से निकाल दिया है। डेल ही नहीं उनकी टीम के छह अन्य इंजीनियरों सहित दर्जनों कर्मचारियों ने मार्क जुकरबर्ग की खामोशी पर सार्वजानिक तौर पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद उन्हें सफाई पेश करने के लिए सभी कर्मचारियों को वर्चुअली संबोधित करना पड़ा। डेल का कहना है कि उन्हें गलत बात के खिलाफ आवाज उठाने के चलते निकाला गया है। फेसबुक ने ब्रैंडन डायल को नौकरी से निकाले जाने की पुष्टि की है। हालांकि, कंपनी ने इस संबंध में ज्यादा जानकरी देने से इनकार कर दिया है।
बता दें अमेरिका के मिनीपोलिस में एक अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड को एक दुकान में नकली बिल का इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस अधिकारी को घुटने से आठ मिनट तक जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन दबाते हुए देखा गया। बाद में फ्लॉयड की मौत हो गई। फ्लॉयड की मौत के बाद पूरे अमेरिका में हिंसक प्रदर्शन हुए। इसको लेकर ट्रंप ने फेसबुक पोस्ट में कहा था ‘जब लूट शुरू होती है, तो शूटिंग शुरू होती है।’ ट्रंप के इस ट्वीट का पूरी दुनिया में विरोध किया गया था।

