ठाणे। युग प्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री अनंत कुमार जी एवं मुनि श्री विपुल कुमार जी के सानिध्य में तेरापंथ भवन माजीवाड़ा में तेरापंथी सभा के आयोजकत्व में किशोर एवं कन्याओं के लिए आरोहण कार्यशाला का आयोजन हुआ। प्रातः 9:00 से शाम 5:00 बजे तक चली इस कार्यशाला में मुनिश्री अनंत कुमार जी ने मैं कुछ होना चाहता हूं इस विषय पर अपना उद्बोधन देते हुए फरमाया कि हर व्यक्ति जीवन में चाहे वह स्त्री हो या पुरुष हो, बाल हो या वृद्ध हो यही सफल व्यक्ति को देखकर यही सोचता है कि काश मुझे भी ऐसा अवसर मिला होता तो ?
बस जीवन की गड़बड़ यही से शुरू होती वह यह सोचने के लिए तैयार नहीं होता है कि काश मैंने भी ऐसा किया होता तो ?सफलता कोई ताज मेडल या स्वयंवर की तरह नहीं है जो सीधे आपके पास आ जाए ।जो व्यक्ति जीवन में शक्ति साहस और गतिशीलता के साथ आगे बढ़ता है सफलता उनके कदम चूमती है। मुनि श्री ने अनेक ऐतिहासिक प्रसंग को लेकर इस बात को विस्तृत रूप से बताया ।मुनि श्री विपुल कुमार जी ने प्रेरणा देते हुए कहा की जीवन में तीन बातें आवश्यक है आदर्श मार्गदर्शक और सही मार्ग इन तीनों की युति जब होती है तब व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता ।
हर किशोर एवं कन्याएं इन तत्वों को ग्रहण करके आगे बढ़ने का प्रयास करें। आज के कार्यशाला में मुख्य ट्रेनर के रूप में सूरत से समागत प्रीत खंडोर एवं वंश पोरवाल ने डिजाइन योर लाइफ इस विषय को यंगस्टर के साथ जोड़ते हुए किशोर एवं कन्याओं को विभिन्न प्रकार की एक्टिविटी के साथ जीवन में आगे बढ़ने का गुर बताएं। तेरापंथ सभा के अध्यक्ष महेंद्र जी बागरेचा ने स्वागत वक्तव्य में किशोर एवं कन्याओं को उज्जवल भविष्य की मंगल कामनाएं की और सतत धर्म के, संघ के साथ जुड़े रहने की बात बताई ।तेरापंथ महिला मंडल के अध्यक्ष संगीता जी चंडालिया ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की ।
सूरत से समागत मोटिवेशनल स्पीकर प्रीत खंडोर एवं वंश पोरवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का प्रारंभ किशोर एवं कन्याओं के द्वारा मंगलाचरण से हुआ ।कार्यक्रम में आरोहण से संबंधित गीत एवं डॉक्यूमेंट्री को भी दिखाया गया। कार्यक्रम का संचालन किशोर मंडल के संयोजक मंथन बाफना एवं कन्या मंडल की संयोजिका खुशी आंचलिया ने किया। प्रातः कालीन कार्यक्रम में मुलुंड से समागत श्रीमती सीमा मेहता ने 8 दिन की तपस्या का प्रत्यख्यान किया।
इस कार्यक्रम में ठाणे चौखले से 138 किशोर एवं कन्याओं ने अपनी सहभागिता दर्ज़ कराई। सबसे अधिक कोपरखैरने से 17 रजिस्ट्रेशन हुए। और ठाणे चौखले से एरोली,कांजुरमार्ग , भांडुप, मुलुंड, डोंबिवली, मुंब्रा, कलवा,से भी किशोर एवं कन्याओं ने अपनी सहभागिता दर्ज़ कराई।

