विकास धाकड़/गोरेगांव (मुंबई)। नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। मुंबई ज्ञानशाला से आंचलिक संयोजिका श्रीमती राजश्री जी कच्छारा, आंचलिक सह संयोजिका श्रीमती अंजू जी चौधरी , कार्यसमिति सदस्य रेखा जी खाव्या परामर्शक नीलमजी कोठारी जॉन संयोजिका भावनाजी सांखला सार- संभाल के लिए संतोषनगर पधारे।
तेयूप अध्यक्ष श्रीमान सुमित जी चोरड़िया, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती डिंपलजी हिरण,ज्ञानशाला संयोजक श्रीमान तरुणजी धाकड़ आदि की गरिमामय उपस्थिति रही। ज्ञानशाला गीत से ज्ञानार्थीयो ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया । प्रशिक्षक बहनों ने स्वागत गीतिका के साथ सभी अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य प्रशिक्षक कल्पना जी ने ज्ञानशाला के पूरे वर्ष का विवरण प्रस्तुत किया। राजश्री जी ने 25 बोल को छोटे-छोटे प्रश्नों के माध्यम से नमस्कार मुद्रा को खेल द्वारा समझाया व उनकी जिज्ञासा का समाधान किया। रेखाजी ने बच्चों को एक्टिविटी व उदाहरण के द्वारा क्रोध शांत करने के लिए दीर्घ श्वास प्रेक्षा व ज्योति केंद्र पर सफेद रंग का ध्यान करने के लिए प्रेरणा दी । अंजुजी चौधरी ने बच्चों को कहानी सुनाई व प्रश्न पूछे । आसन व संकल्प के बारे में बच्चों को समझाया।
प्रशिक्षक मीनाजी धींग द्वारा कुशल संचालन किया गया।प्रशिक्षक कल्पना चोरड़िया,निकिता सिंघवी ललिता कोठारी पूजा सिंघवी प्रतीक्षा चोरड़िया के सहयोग से कार्यक्रम सफल रहा। सभी बच्चों को SSB की एग्जाम के लिए पुरस्कार दिए गए। अभिभावको व बच्चों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। राज श्रीजी ने अभिभावकों के प्रश्नों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रशिक्षक नीलम जी कोठारी द्वारा कार्यक्रम का समापन आभार ज्ञापन के द्वारा किया गया।
माणक गणि जोन संतोष नगर ज्ञानशाला का सार संभाल यात्रा का सुंदर आयोजन

