सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: कर्जमाफी जैसे लोक-लुभावन कार्यक्रमों से राज्यों की अर्थव्यवस्था बेहाल, RBI ने चेताया
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
national

कर्जमाफी जैसे लोक-लुभावन कार्यक्रमों से राज्यों की अर्थव्यवस्था बेहाल, RBI ने चेताया

Last updated: May 9, 2019 7:29 am
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
SHARE

नई दिल्ली: कृषि कर्जमाफी जैसे लोक-लुभावन कार्यक्रमों से प्रदेश सरकारों के खजाने पर बढ़ते बोझ के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने राज्यों में राजकोषीय संतुलन डगमगाने के बारे में आगाह किया है। आरबीआइ ने बुधवार को 15वें वित्त आयोग के साथ बैठक में इस बारे में संकेत दिया। आरबीआइ ने यह भी कहा कि जीडीपी के अनुपात में राज्यों पर बकाया कर्ज भी बढ़ रहा है।

आरबीआइ ने कहा कि उदय (बिजली वितरण कंपनियों की आर्थिक सेहत सुधारने की योजना), कृषि कर्जमाफी और इनकम सपोर्ट जैसी योजनाएं राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं को तगड़ी चोट पहुंचा रही हैं। इन योजनाओं के चलते वित्त वर्ष 2018-19 के संशोधित अनुमानों में राज्यों में राजकोषीय अनुशासन बनाये रखने की कोशिशें पटरी से उतर सकती हैं। बैठक में आरबीआइ गवर्नर शक्तिकांत दास और 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह सहित कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।

आरबीआइ की चेतावनी भरी टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आम चुनाव से पहले कई राज्यों ने किसानों और गरीबों के लिए लोक-लुभावन योजनाओं की घोषणा की है। राजकोषीय अनुशासन के पटरी से उतरने को खराब राजकोषीय प्रबंधन करार देते हुए आरबीआइ ने संशोधित अनुमानों में निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं किए जाने को लेकर भी चिंता प्रकट की है। हालांकि, राज्यों ने वित्त वर्ष 2019-20 की शुरुआत में जो बजटीय अनुमान पेश किए हैं उससे राजकोषीय घाटा कम रहने का संकेत मिलता है। आरबीआइ ने यह भी कहा कि राजस्व प्राप्तियों के अनुपात में ब्याज भुगतान में कमी आने के बावजूद राज्यों पर जीडीपी के अनुपात में बकाया कर्ज में वृद्धि हो रही है।

बैठक में सरकारी उधारी, राज्य वित्त आयोगों के गठन और वित्त आयोग को स्थायी रूप से जारी रखने जैसे विषयों में पर भी चर्चा हुई। साथ ही राज्यों को बाजार से उधार लेने में आने वाली चुनौतियों के संबंध में भी बैठक में चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि राज्यों को उनका नकदी प्रबंधन बेहतर बनाना चाहिए। साथ ही राज्यों को नकदी की जरूरत की भविष्यवाणी करने की क्षमता में भी सुधार करना चाहिए।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article पाकिस्तान को गडकरी की चेतावनी, कहा- आतंकवाद नहीं रोका तो बंद कर देंगे पानी
Next Article समय से पहले पूरा हो सकता है पीएमयूजी का दूसरा चरण

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

अणुव्रत चेतन दिवस पर अणुव्रत समिति मुंबई की ठाणे में कर्मों की गहराई से आत्मशुद्धि तक, महावीर की साधना का मर्म समझाया
social
September 12, 2026
महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी द्वारा हिंदी दिवस पर आयोजित “शब्द यज्ञ” कवि सम्मेलन अपनी इन्द्रधनुषी काव्य छटा से बना यादगार
Mumbai / Maharshtra
September 12, 2026
जानें क्यों नहीं रिलीज़ होगा ‘द पैराडाइज’ का ट्रेलर, नेचुरल स्टार नानी ने बताई खास वजह
entertainment
September 12, 2026
आत्म का सुरक्षा कवच – त्याग व्रत नियम – साध्वी श्री उदित यशा जी
social
September 12, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?