सुरभि सलोनीसुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Reading: कोरोना संकट की भरपाई और उद्योगों को पटरी पर लाने के लिए राज्यों को 6.4 लाख करोड़ की जरूरत
Share
Font ResizerAa
सुरभि सलोनीसुरभि सलोनी
Font ResizerAa
  • National
  • State
  • Social
  • Entertainment
  • Mumbai / Maharashtra
  • Video
  • E-Magazine
Search
  • Business
  • entertainment
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Surabhi Sloni All Rights Reserved.
nationalstate

कोरोना संकट की भरपाई और उद्योगों को पटरी पर लाने के लिए राज्यों को 6.4 लाख करोड़ की जरूरत

Last updated: April 7, 2020 11:13 am
Surabhi Saloni
Share
3 Min Read
प्रतीकात्मक तस्वीर
SHARE

नई दिल्ली:कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में राज्यों के लिए धन की कमी बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है। देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन से सभी राज्यों की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है। इसको संभालने के लिए भारतीय जीडीपी का सिर्फ तीन फीसदी खर्च करना पड़ा तो 6.4 लाख करोड़ रुपये की जरूरत पड़ेगी।

राहत पैकेज काफी नहीं

विशेषज्ञों के कहना है कि 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खुलने पर राज्यों को सिर्फ स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए बजट आवंटन ही नहीं बढ़ाना बल्कि जिन क्षेत्रों पर सबसे अधिक असर हुआ है उनको पटरी पर लाने के लिए भी बड़े फंड की जरूरत होगी। मिंट द्वारा किए गए विश्लेषण के मुताबिक, अगर राज्य बजट आवंटन का सिर्फ 15% अधिक खर्च करते हैं तो 6.4 लाख करोड़ की जरूरत होगी।

राज्यों को बढ़ते खर्च को देखते हुए केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक राज्यों को उधारी लेने और एडवांस लेने से छूट दे सकती है। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान, राज्यों को उनकी उधार सीमा पर 0.5 प्रतिशत छूट दी गई थी।

बजट खर्च ( 2020-21 में) 15% खर्च बढ़ा अतिरिक्त फंड
दिल्ली 65,000 74,750 9,750
उत्तर प्रदेश 512,861 589,790 76,929
बिहार 211,761 243,525 31,764
झारखंड 86,370 99,326 12,956
छत्तीसगढ़ 100,491 115,565 15,074
महाराष्ट्र 434,085 499,198 65,113
गुजरात 214,133 246,253 32,120

आंकड़े: करोड़ रुपये में

कर्मचारियों की सैलरी में कमी

कोरोना संकट के कारण राज्यों को जीएसटी संग्रह और दूसरे कर में भी कमी आएगी। इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति और डांवाडोल होने का अनुमान है।गौरतलब है कि कोरोना संकट के कारण अभी तक छह राज्यों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में कमी की है या आगे बढ़ाया है। यह संकट गहराने पर दूसरे बचे राज्यों को भी यह करने पर मजबूर होना होगा।
1.7 लाख करोड़ का राहत पैकेज 

केंद्र ने लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित लोगों के लिए 1.7 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए काफी नहीं है। यह कुल जीडीपी का महज 0.8 फीसदी है जिसे बढ़ाने की जरूरत है। केरल ने ही 20 हजार करोड़ के पैकेज दिया है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram Email Copy Link Print
Share
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Previous Article ट्रम्प की मोदी से गुहार के बाद हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के निर्यात पर आंशिक प्रतिबंध हटाया
Next Article आशा भोसले ने लोगों से की अपील, कहा- हर नागरिक PM CARES Fund में 100 रुपये दान करे

आज का AQI

Live Cricket Scores

Latest News

सेंसर सर्टिफिकेट में देरी के चलते ‘लव लॉटरी’ की रिलीज टली, अब 25 सितंबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म
entertainment
September 15, 2026
महाराष्ट्र हिन्दी साहित्य अकादमी की काव्य प्रस्तुति में शौर्य रस और देशभक्ति की काव्य फुहारों में भीगे दर्शक
social
September 15, 2026
लोकमान्य टिळकांच्या शैक्षणिक और संस्कारों की विरासत को गणेशोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल
social
September 15, 2026
“फिल्म की सोल हैं पार्वती”: प्रधामा दृष्टि कुट्टक्कर में उनकी दमदार परफॉर्मेंस पर फैन्स हुए फिदा
entertainment
September 15, 2026

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Follow US
© 2026 Surabhi Saloni All Rights Reserved. Disgen by AjayGupta
  • About Us
  • Privacy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
  • Contact
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?