कहा, प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसे लोगों को चुनाव लड़ने से रोका जाए
मुंबई। आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए दुनिया के सारे लोगों को एक साथ आना चाहिए और जो लोग आतंकवाद का समर्थन करते हैं उन्हें अलग थलग कर देना चाहिए। यह बात समाजवादी पार्टी के मुंबई/महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने आज मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित पत्रकार परिषद में कही। इस दौरान पार्टी के महाराष्ट्र महासचिव और प्रवक्ता अब्दुल कादिर चौधरी और सपा मुंबई के जेनरल सेक्रेटरी मेराज सिद्दीकी भी उपस्थित थे। श्रीलंका में हुए आतंकी हमलों पर अपनी प्रतिक्रिया में आजमी ने कहा कि आतंकवाद का किसी धर्म या मजहब से संबध नहीं है। इसे किसी धर्म से जोड़ना नहीं चाहिए। इसमें किसी धर्म को शामिल नहीं करना चाहिए। सुप्रीम न्यायालय ने गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई बिलकिस बानो को 50 लाख रुपये बतौर मुआवजा, नौकरी और आवास देने का फरमान सुनाया है। अहमदाबाद के करीब हिंसक भीड़ ने गर्भवती बिलकिस बानों के साथ सामूहिक बलात्कार किया था और उसके परिवार के 7 सदस्यों की हत्या कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए आजमी ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफ़ी मांगना चाहिए क्योंकि नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्रित्व काल में बिलकिस बानो पर अत्याचार हुआ था और उसे गुजरात में न्याय नहीं मिला।यह शर्म की बात है उसे राज्य में इंसाफ नहीं मिला। आखिरकार उसे सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा तब जाकर उसे इंसाफ मिला है। हालाँकि बहुत देरी से न्याय मिला। इसी तरह मुंबई में दंगे हुए। दंगों की जाँच के लिए श्रीकृष्णा आयोग बनाया गया। आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंपी ,लेकिन उस पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। आजमी ने इसके लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार को हाथों लिया। आजमी ने कहा कि अभी भी बहुत सारे ऐसे केसेस हैं जिनका फैसला आना बाकी है। आजमी ने कहा कि कांग्रेस अपने आप को सेकुलर बोलती है ,लेकिन ऐसा नहीं है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बयान अपनी प्रतिक्रिया में आजमी ने कहा कि जब उसे हेमंत करकरे ने गिरफ्तार किया था तब नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण अडवाणी के कहने पर कांग्रेस के प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने करकरे को बुला कर भलाबुरा कहा था। उनकी गालियां दी गई ,धमकी दी गई। मालेगांव में धमाके के पीड़ितों ने तब गृहमंत्री आर आर पाटिल,शरद पवार से मिलकर मामले की सीबीआई से जाँच की मांग की गई। उलटे मुस्लिम लड़कों को गिरफ्तार किया गया जो बाद में बाइज्जत छूट गए। वही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बेल पर बाहर है कहती है कि बाबरी मस्जिद को तोडना सही था।
इस तरह के विवादित बयान देने वाले को भाजपा टिकट दे रहे है। आजमी ने मांग की कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर के चुनाव लड़ने पर तत्काल रोक रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्र मोदी को लगा कि विकास जैसे मुद्दों पर उनको वोट नहीं मिलेगा तो उन्होंने प्रज्ञा जैसे विवादित लोगों को टिकट दे रहें है। यही लोग चुनाव जितने के बाद संविधान की शपथ लेंगे। देश के १३० करोड़ लोगों को सोचना होगा। आजमी ने कहा कि टीवी पर मोदी इंटरविव देकर वाहवाही लूट रहे हैं। अगर उनमे हिम्मत है तो एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार और विनोद दुआ को एक बार इंटरविव देकर दिखाएं। ऐसा अगर करते हैं तो उन्हें सच्चा मानूंगा। लोकसभा चुनाव पर बोलते हुए आजमी ने कहा कि बीजेपी को परास्त करने के लिए हमने काफी प्रयास किया कि कांग्रेस से गठबंधन हो जाए ,लेकिन कांग्रेस के रवैये से ऐसा नहीं हो पाया। आखिरकार सपा ने बसपा के साथ गठबंधन किया और मुंबई ,भिवंडी सहित महाराष्ट्र में ४ उम्मीदवार सपा ने उतारे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों को शिकस्त देने के लिए महाराष्ट्र में आगे यानि विधानसभा में भी गठबंधन करके चुनाव लड़ेंगे। हम चाहते हैं कि गंगा -जमुनी तहजीब को बचाया जा सके। इसी कारण यूपी में सपा-बसपा ने गठबंधन किया है। सेकुलर वोटो का बंटवारा न हो इसी कारण गठबंधन किया। यहाँ हमने जनता को विकल्प दिया है। अल्पसंख्यक समाज और दलितों में भाजपा के प्रति काफी नाराजगी है। बीजेपी सरकार शरीयत के दखलंदाजी कर रही है। केवल हिन्दू -मुस्लिम कर रही है। मनसे को साथ लेने पर भी आजमी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और कहा कि कांग्रेस की मिलीभगत से मुंबई में परप्रांतियों पर हमले हुए। आजमी ने परप्रांतियों को सावधान किया और कहा कि एनसीपी और कांग्रेस के साथ बीजेपी -शिवसेना से सावधान रहें।

